छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में सहायक संचालक मछली पालन विभाग में अचानक आग लग गई। जिसके बाद रिकार्ड रूम में रखे दस्तावेज और पुराने सामान जल कर पूरी तरह राख हो गए। घटना के बाद मामले की जानकारी मिलने पर दमकल विभाग की मदद से आग पर करीब 3 घंटे बाद काबू पाया गया। रविवार की शाम को केलो विहार रोड स्थित सहायक संचालक मछली पालन विभाग के रिकार्ड रूम की ओर से धुंआ निकल रहा था। धुंआ को देखकर आसपास के लोगों को आग लगने की आशंका हुई और मामले की जानकारी विभाग के अधिकारियों व पुलिस को दी गई। ऐसे में पुलिस के अधिकारी और जवान मौके पर पहुंचे। दमकल को सूचना देने के बाद दमकल की वाहन भी वहां पहुंच गई, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुका था और दूर से आग की लपटे देखी जा रही थी। इसके बाद दमकल विभाग के द्वारा आग को बुझाने का काम शुरू किया गया और काफी मशक्कत के बाद तकरीबन 3 घंटे में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। बताया जा रहा है कि रिकार्ड रूम में आग लगने की वजह से यहां रखे कई दस्तावेज भी आग की चपेट में आ गए और इसके अलावा पुराने एसी, कुलर समेत अन्य समान जलकर राख हो गए। मौके पर पहुंचे विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा नुकसान का आंकलन किया जा रहा है।
आग लगने का कारण स्पष्ट नहीं
इस संबंध में जिला सेनानी अधिकारी ब्लास्यिुज कुजूर ने बताया कि सूचना मिलते ही 2 फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और आग को बुझाना शुरू किया गया। पूरी तरह से आग को बुझा लिया गया। रविवार का दिन होने के कारण ऑफिस बंद था। आग किन कारणों से लगी है, यह स्पष्ट नहीं है। तकनिकी जांच के बाद ही इसका पता चल सकेगा।
आंकलन विभाग द्वारा किया जा रहा
ASP अनिल सोनी ने बताया कि मछली पालन विभाग में आग लगने की सूचना मिली थी। जिसके बाद तत्काल पुलिस व दमकल की टीम पहुंची। आग को बुझाने का प्रयास किया गया और उसे पूरी तरह से बुझा लिया गया। आग की चपेट मंे आने से क्या क्या नुकसान हुआ है उसका अंाकलन विभाग द्वारा किया जा रहा है।


