बालाघाट में आजाद अध्यापक संघ ने रविवार को मोती उद्यान में एक बैठक की। इसके बाद संघ ने पेंशन रैली निकालकर कलेक्ट्रेट में एसडीएम गोपाल सोनी को ज्ञापन सौंपा। अध्यापकों का आरोप है कि सरकार अध्यापक संवर्ग के साथ दोहरा रवैया अपना रही है। क्रमोन्नति और पदोन्नति देने में सरकार नियुक्ति दिनांक से सेवा की गणना करती है, लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद ग्रेच्युटी देने में 1 जुलाई 2018 से सेवा की गणना की जा रही है। इस दोहरी नीति के कारण अध्यापकों को मिलने वाली पेंशन में नुकसान हो रहा है। इसी के विरोध में अध्यापक साथियों ने यह आंदोलन किया। आजाद अध्यापक संघ के बैनर तले हुए इस आंदोलन के माध्यम से अध्यापकों ने एनपीएस (राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली) की जगह ओपीएस (पुरानी पेंशन योजना) का लाभ देने, प्रथम नियुक्ति दिनांक से सेवा की गणना कर ग्रेच्युटी का पूर्ण लाभ देने सहित वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण की मांग की। सेवा अवधि की गणना में दोहरी नीति आजाद अध्यापक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष आशीष बिसेन ने बताया कि अध्यापक संवर्ग की सेवा अवधि की गणना में दोहरी नीति अपनाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि प्रांतीय नेतृत्व के मार्गदर्शन में प्रदेश के 55 जिलों में एक साथ यह बैठक और पेंशन रैली आयोजित की गई है। अध्यापक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों का शीघ्र निराकरण नहीं किया, तो 12 अप्रैल को भोपाल में एक विशाल आंदोलन किया जाएगा।


