कोटा में शनिवार रात को दिल्ली रेस्टोरेंट की तीन मंजिला बिल्डिंग ढहने के बाद नगर निगम ने आसपास की पांच इमारतों को अवैध माना है। दुर्घटनाग्रस्त हुई बिल्डिंग के आसपास पांच इमारतों को असुरक्षित मानते हुए नगर निगम ने रविवार को इन भवन मालिकों को नोटिस जारी कर दो दिन में अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए हैं। इसके अलावा संभागीय आयुक्त अनिल कुमार अग्रवाल के निर्देशों के बाद रविवार को शहर में विभिन्न स्थानों पर जेसीबी, पोकलेन और अन्य बड़ी मशीनों से पहले बनी इमारतों को तोड़ने और बेसमेंट बनाने का काम निगम की टीमों ने रुकवा दिया है। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि शनिवार रात दुर्घटनाग्रस्त हुए भवन के पास प्लॉट संख्या एस-5, एस-6, एस-65, एस-67 और एस-68 में बने भवन में अवैध निर्माण पाया गया है। इनमें से एस-68 में निर्मित भवन असुरक्षित भी हो गया है। ऐसे में इन सभी बिल्डिंग मालिकों को तुरंत प्रभाव से भवन खाली करते हुए दो दिन में अवैध निर्माण हटाने का नोटिस जारी किया गया। अगर दो दिन में भवन मालिकों की ओर से अवैध निर्माण नहीं हटाते हैं, तो निगम की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जर्जर, असुरक्षित और निर्माणाधीन भवनों की पहचान करने के निर्देश आयुक्त मेहरा ने बताया कि संभागीय आयुक्त की बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद निगम के सभी अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में जर्जर, असुरक्षित और निर्माणाधीन भवनों की पहचान करने के निर्देश दिए गए हैं। सर्वे के दौरान न्यू कॉलोनी गुमानपुरा में दो स्थानों पर पूर्व निर्मित भवनों को जेसीबी से तोड़े जाने और विज्ञान नगर क्षेत्र में दो स्थानों पर पोकलेन मशीन से बेसमेंट खुदाई का मामला सामने आया। चारों स्थानों पर तत्काल प्रभाव से काम रुकवाकर संबंधित भवन मालिकों को बिना स्वीकृति निर्माण कार्य शुरू नहीं करने के लिए पाबंद किया गया है।
चेतावनी देते ही हटने लगे अतिक्रमण उधर, दूसरी ओर निगम के अतिक्रमण निरोधक दस्ते ने रविवार को इंद्र विहार क्षेत्र में सभी दुकानदारों को 24 घंटे में अपने अतिक्रमण खुद हटाने की चेतावनी दी। निगम की चेतावनी का तत्काल असर भी दिखाई दिया और कई दुकानदारों ने शाम होते-होते अपने अवैध अतिक्रमण हटा लिए। आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने बताया कि इंद्र विहार क्षेत्र में बड़ी संख्या में दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे टीनशेड करके और सामान रखकर अतिक्रमण कर रखा है। क्षेत्र में मुनादी करते हुए इन सभी को अपने-अपने अतिक्रमण हटाने के लिए 24 घंटे का समय दिया गया है। भवन तोड़ने के लिए भी स्वीकृति जरूरी आयुक्त ओमप्रकाश मेहरा ने शहरवासियों से अपील की है कि निगम से स्वीकृति प्राप्त किए बिना वे अपनी पूर्व निर्मित भवनों को नहीं तोड़ें। आयुक्त ने बताया कि नगर पालिका अधिनियिम 2009 की धारा 19़4 में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि किसी नगरपालिका की सीमा के भीतर नया भवन निर्मित करने, भवन को पुनर्निर्मित करने या भवन में तात्विक परिवर्धन (रिनोवेशन) करने या भवन के किसी बहिर्गत (बाहरी) भाग को निर्मित या पुनर्निर्मित करने के लिए पूर्व स्वीकृति आवश्यक है। ऐसे में जो भी व्यक्ति अपने पूर्व निर्मित भवन को तुड़वा रहे हैं या तुड़वाना चाहते हैं, वे पहले निगम से स्वीकृति प्राप्त करें। ————– ये खबर भी पढ़िए… कोटा में जिस रेस्टोरेंट के कारण हादसा वो अवैध:अब जर्जर इमारतों का होगा सर्वे, आरोप-अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिल्डिंग गिरी राजस्थान के कोटा में एक 3 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। दावा किया जा रहा है जिस रेस्टोरेंट की बिल्डिंग के कारण हादसा हुआ वो अवैध है। इस रेस्टोरेंट को करीब दो महीने पहले ही नगर निगम ने बंद करा दिया था।फिर भी इसमें निर्माण काम हो रहा था। शनिवार रात को यहां के कंस्ट्रक्शन के कारण पड़ोस वाले दिल्ली रेस्टोरेंट की बिल्डिंग ढह गई। इसमें एक कोचिंग स्टूडेंट सहित दो की मौत हो गई। जबकि, 5 लोग गंभीर घायल हैं।(पूरी खबर पढ़ें)


