जयपुर में जालसाजी से बैंक से 18 करोड़ रुपए का लोन लेने वाले शातिर आरोपी को अरेस्ट किया गया है। सहकारिता विभाग की वेबसाइड पर फेक डॉक्यूमेंट अपलोड कर रिकॉर्ड में बदलाव किया। फेक इस्तीफे डालकर एजुकेशन सोसायटी पर कब्जा करने की कोशिश तक की। पुलिस ने रविवार दोपहर गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश चार दिन के रिमांड पर लिया है। SHO (चित्रकूट) प्रभु सिंह ने बताया- धोखाधड़ी मामले में आरोपी अभिमन्यु जाखड़ निवासी क्वींस रोड वैशाली नगर को अरेस्ट किया गया। जून-2025 में पीड़ित शीशराम ने चित्रकूट थाने में FIR दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया- आरोपी अभिमन्यु जाखड़ ने अपने साथियों के साथ साजिश रचकर उन्हें एजुकेशन सोसायटी के अध्यक्ष पद से हटाया। उनके नाम से फेक इस्तीफा और जाली सग्नेंचर तैयार कर सहकारी विभाग में पेश किए गए। उन्हें और उनकी बेटी को गुमराह कर लीज पर दी गई जमीन पर 18 करोड़ रुपए का लोन उठा लिया। बैंक में लोन अपलाई के दौरान जानकारी छिपाकर उन्हें आवेदक व गारंटर बनाया गया। फेक इस्तीफे से एजुकेशन सोसायटी का नया अध्यक्ष रणजीत गोदारा को बना दिया गया। प्लानिंग के तहत किया काम
पुलिस की जांच में सामने आया कि तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी बेटी को आवेदक व गारंटर बनाकर बैंक से करीब 18 करोड़ रुपए का लोन लिया गया। लोन पास होने के तुरंत बाद दोनों को पद से हटाने की साजिश रची गई। कोई इस्तीफा नहीं देने पर भी दोनों पिता-बेटी के नाम से तैयार किए गए इस्तीफों पर जाली सग्नेंचर किए गए। जालसाजी से इस्तीफा करवाकर आरोपी अभिमन्यु ने अपने मामा रणजीत गोदारा को समिति का नया अध्यक्ष बना दिया। पुलिस को इस बदलाव के लिए वैध चुनाव और मेंबर्स की सहमति रिकॉर्ड भी नहीं मिला। एसीपी (आदर्श नगर) लक्ष्मी सुधार की जांच में सामने आया कि इस्तीफा और समझौता पत्रों में यूज स्टाप पेपर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं। ये पूरी तरह फर्जी थे। आरोपी अभिमन्यु ने अपनी लॉगिन आईडी से सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर इन फेक डॉक्यूमेंट को अपलोड कर रिकॉर्ड में बदलाव करवा दिया।


