पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने शनिवार को सिवनी जिले के परासपानी गांव में एक कार्यक्रम के दौरान एनएसयूआई जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह को सार्वजनिक रूप से कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया। दिग्विजय सिंह ने जिलाध्यक्ष को सबके सामने कहा- या तो शिकायत करने वाले युवक से 15 दिनों के भीतर समझौता किया जाए, वरना पद से इस्तीफा दे दिया जाए। रविवार को इस घटना का वीडियो सामने आया है। यह है पूरा मामला यह पूरा मामला 7 फरवरी का है, जब दिग्विजय सिंह एक सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान शिवम उइके नाम के एक आदिवासी युवक ने मंच से ही जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह पर गाली-गलौज और अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए। युवक की बात सुनते ही मौके पर माहौल तनावपूर्ण हो गया। मामले की गंभीरता और आदिवासी युवक की नाराजगी को देखते हुए दिग्विजय सिंह ने मंच से ही जिलाध्यक्ष को खड़ा किया। इसके बाद फटकार लगाते हुए कहा कि या तो शिकायत करने वाले युवक से 15 दिनों के भीतर समझौता कर लों, नहीं से पद से इस्तीफा दे दें। इसके बाद मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं ने उनके फेसले का ताली बजाकर स्वागत किया। जिलाध्यक्ष बोले- युवक छात्राओं को परेशान करता था दूसरी ओर, आरोप लगने पर NSUI जिलाध्यक्ष धनंजय सिंह ने उसे सिरे से खारिज किया है। उन्होंने मौके पर ही अपना पक्ष रखते हुए कहा कि शिवम उइके पहले संगठन से जुड़ा था, लेकिन उस पर एक छात्रा को परेशान करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगे थे। धनंजय सिंह ने बताया कि यह मामला मई-जून 2025 का है, जब छात्रा की शिकायत पर तत्कालीन कोतवाली प्रभारी ने कार्रवाई की थी। इसी अनुशासनहीनता के कारण युवक को पद से हटाया गया था, जिसका बदला लेने के लिए वह अब झूठे आरोप लगा रहा है।


