कवाई कस्बे में दो दशक से लंबित बाईपास निर्माण को अब मूर्त रूप मिलने जा रहा है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचआई) ने इस परियोजना के लिए 65.41 करोड़ रुपए की स्वीकृति दे दी है। टेंडर प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह में शुरू होगी और जून तक निर्माण कार्य आरंभ होने की संभावना है। यह बाईपास अटरू रोड़ स्थित अडानी फाटक से मवासा गांव तक 8.7 किलोमीटर की दूरी में बनेगा। डबल लेन वाले इस बाईपास में 2 माइनर ब्रिज, खानपुर रोड़ पर एक अंडरपास और 23 पुलियाओं का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, मार्ग के किनारे स्थित हाई टेंशन लाइनों को भी स्थानांतरित किया जाएगा। इस परियोजना की शुरुआत 2005 में तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के कार्यकाल में हुई थी। 15 वर्षों तक यह योजना सर्वे के स्तर पर ही रही। 2021 में भूमि अधिग्रहण के बाद 2022 में निर्माण कार्य शुरू हुआ, लेकिन फ्लाई ऐश की अनुपलब्धता के कारण ठेकेदार ने काम छोड़ दिया। यह बाईपास कवाई कस्बे की यातायात समस्या का स्थायी समाधान होगा। वर्तमान में कस्बे में लगने वाले जाम से स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। बाईपास बनने से छबड़ा, छीपाबड़ौद और मध्य प्रदेश जाने वाले यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा। विभाग ने इस परियोजना को 18 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा है।


