बड़वानी जिले की ठीकरी जनपद के ग्राम दतवाड़ा में तेंदुआ शावकों की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत है। पुराने डूब गांव क्षेत्र में एक सप्ताह से वन्य प्राणियों की गतिविधियां देखी जा रही हैं। स्थानीय निवासी महेंद्र सिंह के अनुसार, पुराने गांव में अभी भी कुछ परिवार निवास करते हैं। क्षेत्र से होकर गुजरती नर्मदा की पाइप लाइन के कारण लोगों का आवागमन लगातार बना रहता है। घने झाड़ियों वाले इस इलाके में वन्य जीवों की आवाजाही आम है। डूब प्रभावित क्षेत्र में रहने वाले किसान परिवारों के मवेशियों पर लकड़बग्घा और तेंदुए के हमलों की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। ग्रामीण विक्रम सिंह ने बताया कि चारों तरफ पानी भरा होने के कारण मगरमच्छ और अन्य वन्यजीव भी देखे जा रहे हैं। बिजली की कमी से स्थिति और भी चिंताजनक हो गई है। ग्रामीण दिलीप सिंह ने बताया कि उनके एक मवेशी को जंगली जानवर ने नुकसान पहुंचाया है। वन विभाग केवल पंचनामा बनाकर मामला रफा-दफा कर देता है। स्थानीय लोग अपनी सुरक्षा के लिए खुद ही उपाय करने को मजबूर हैं। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और वन विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे क्षेत्र के निवासियों में भय का माहौल है।


