ललितपुर में 26 जनवरी की रात राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ के बेटे की फॉर्च्यूनर कार से हुए भीषण सड़क हादसे में घायल हुए युवक अनुज (20) की रविवार देर शाम इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। यह दुर्घटना जाखलौन–ललितपुर मार्ग पर हावड़ा पुल के पास 26 जनवरी की रात करीब एक बजे हुई थी। जानकारी के अनुसार अनुज अपने चचेरे भाई शिवेंद्र यादव (18) और शंकर (45) के साथ सुंदरकांड पाठ में शामिल होकर बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मंत्री पुत्र नरेश पंथ और उनके साथी मौके से फरार हो गए थे। तीनों घायलों को तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने शिवेंद्र यादव को मृत घोषित कर दिया। अनुज और शंकर की हालत गंभीर होने पर उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। झांसी मेडिकल कॉलेज में 13 दिनों तक चले इलाज के बाद रविवार शाम अनुज ने दम तोड़ दिया। अनुज अपने दो भाइयों में सबसे छोटा था। वह पढ़ाई के साथ-साथ एक पेट्रोल पंप पर काम करता था। उसकी मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। इस मामले में राज्यमंत्री के बेटे के खिलाफ जाखलौन थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी। बताया गया है कि दुर्घटना में शामिल फॉर्च्यूनर कार राज्यमंत्री की पत्नी कस्तूरी देवी के नाम पर पंजीकृत है। जाखलौन थानाध्यक्ष ने झांसी मेडिकल कॉलेज में भर्ती अनुज की मौत की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। अब समझिए पूरा मामला हादसा जाखलौन थाना क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा का है। बरखेड़ा के रहने वाले शिवेंद्र (18 साल) पुत्र राजू यादव, शंकर सिंह (45 साल) पुत्र इमरत सिंह यादव और अनुज (20 साल) पुत्र रतिभान यादव सुंदरकांड पाठ से लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे ललितपुर-जाखलौन मार्ग पर हावड़ा की पुलिया के पास फॉर्च्यूनर कार (UP 94 AK 9898) ने उनकी बाइक (UP 94AA 0048) को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। कार जाखलौन से ललितपुर की ओर जा रही थी। राहगीरों ने पहुंचाया अस्पताल सड़क से गुजर रहे लोगों ने पुलिस को सूचना दी और खुद ही घायलों को तत्काल जिला मेडिकल कॉलेज पहुंचाया था। वहां से तीनों को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। हालांकि रास्ते में शिवेंद्र की मौत हो गई थी। शंकर सिंह और अनुज की हालत नाजुक बनी हुई थी। अनुज की इलाज के दौरान मौत हो गई। पीछे का शीशा तोड़कर निकले कार सवार टक्कर इतनी तेज थी कि फॉरच्यूनर के एयरबैग खुल गए। चारों गेट बंद हो गए। जिसके बाद कार सवार सभी लोग पीछे का शीशा तोड़कर बाहर निकले। आरोप है कि कार में मंत्री का बेटा भी सवार था। जब लोगों ने विरोध जताया तो मंत्री के बेटे ने बंदूक दिखाकर लोगों को धमकाया। रात को मौका पाकर सभी फरार हो गए।


