जांजगीर-चांपा जिले में 5 नाबालिग लड़कियों के बाल विवाह को रोकवाया गया है। नवागढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम अवरीद में महिला एवं बाल विकास विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने एक कार्रवाई करते हुए शादी रुकवाई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी गजेंद्र सिंह जायसवाल के मुताबिक, पांच लड़कियों की शादी इसी महीने होनी थी। सभी लड़कियों की अंक सूची की जांच में उनकी उम्र विवाह योग्य आयु से कम पाई गई। जिसके बाद कार्रवाई की गई। लड़कियों की उम्र विवाह योग्य आयु से कम कलेक्टर आकाश छिकारा और महिला एवं बाल विकास विभाग की अधिकारी अनीता अग्रवाल के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। जांच में पता चला कि तीन लड़कियों की शादी 18, 19 और 21 फरवरी को तथा दो की शादी दिसंबर 2025 में होनी थी। सभी लड़कियों की उम्र विवाह योग्य आयु से कम पाई गई। बाल विवाह के दुष्परिणाम बताए अधिकारियों ने परिवारों को बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराया। उन्हें बताया गया कि इससे न केवल लड़कियों के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है, बल्कि यह कानूनी अपराध भी है, जिसमें जेल और जुर्माने का प्रावधान है। विवाह में शामिल होने वाले मेहमानों को भी सजा हो सकती है। शादी रोकने की सहमति बनी समझाइश के बाद सभी परिवारों ने लड़कियों की शादी रोकने की सहमति दी और एक लिखित वचन दिया कि वे लड़कियों की शादी 18 साल की आयु पूरी होने के बाद ही करेंगे। गवाहों की मौजूदगी में इस आशय का घोषणा पत्र और राजीनामा भी तैयार किया गया। 14 बाल विवाहों को रोकने में मिली सफलता बता दें कि जिला प्रशासन ने पिछले कुछ दिनों में कुल 14 बाल विवाहों को रोकने में सफलता प्राप्त की है। होने वाले इन विवाहों की जानकारी मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की।


