यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (यूजीसी) से जुड़े हालिया फैसलों के विरोध में रविवार शाम भोपाल में क्षत्रिय करणी सेना ने मशाल जुलूस निकाला। जुलूस भारत माता चौराहा से शुरू होकर राजभवन तक जाना था, लेकिन पुलिस ने रास्ते में ही उसे रोक लिया। राज्यपाल को ज्ञापन देने के लिए सिर्फ पांच लोगों को जाने की अनुमति दी। ज्ञापन सौंपकर यूजीसी के निर्णयों को लेकर समाज की आपत्तियां दर्ज कराई गईं। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा ने कहा कि यूजीसी काला कानून वापस लिया जाए। क्षत्रिय करणी सेना के प्रदेश कार्यवाहक अध्यक्ष और भोपाल जिला अध्यक्ष आशु सिंह ने बताया कि इस कार्यक्रम का नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष इंदल सिंह राणा और प्रदेश महिला अध्यक्ष बबीता सिंह चौहान ने की। उन्होंने कहा कि जुलूस में भोपाल सहित आसपास के जिलों से सैकड़ों करणी सैनिक शामिल हुए। इसके अलावा सवर्ण समाज के कई संगठन और आम नागरिक भी इस प्रदर्शन में भाग लिया। प्रदर्शन से जुड़ी तस्वीरें देखिए फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित करने वाला
आशु सिंह के अनुसार, यूजीसी से जुड़े कुछ हालिया निर्णयों को लेकर समाज में गहरी नाराजगी है। उनका कहना है कि ये फैसले छात्र हितों और सामाजिक संतुलन को प्रभावित कर सकते हैं। इसी असंतोष को शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से शासन तक पहुंचाने के लिए मशाल जुलूस का आयोजन किया गया। करणी सेना का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखा जाएगा।


