सरदार पटेल मेडिकल कॉलेज के नाक, कान और गला (ईएनटी) विभाग के लिए अलग से तीन मंजिला बिल्डिंग बनेगी। इससे मरीजों को उपचार में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। बिल्डिंग का निर्माण तीन चरणों में होगा। पहले चरण में 3.36 करोड़ से ग्राउंड फ्लोर और फर्स्ट फ्लोर प्लान किया गया है। पीबीएम हॉस्पिटल में नाक, कान और गला विभाग के लिए अलग से नई बिल्डिंग के निर्माण की तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. सुरेंद्र कुमार ने 3.36 करोड़ रुपए की प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। निर्माण एजेंसी पीडब्ल्यूडी को बनाया गया है। बिल्डिंग का नक्शा तैयार कर जल्दी ही टेंडर जारी किए जाएंगे। नई बिल्डिंग का निर्माण ईएनटी की पुरानी बिल्डिंग परिसर में खाली पड़ी जमीन पर होगा। ग्राउंड फ्लोर पर ओपीडी के लिए बड़ा हॉल रखा जाएगा। उसमें डॉक्टरों के चैंबर होंगे। मरीजों के लिए वेटिंग एरिया बनेगा। पूरी बिल्डिंग फायर सिस्टम से लैस होगी। वर्तमान बिल्डिंग करीब 19 साल पुरानी होने के कारण जर्जर हो चुकी है। उसमें फायर सिस्टम भी नहीं है। कुछ माह पूर्व स्किन विभाग के एक कक्ष में आग लगने की घटना हो चुकी है। भास्कर इनसाइट— डेढ़ साल पहले हो चुका शिलान्यास
ईएनटी की नई बिल्डिंग का शिलान्यास करीब डेढ़ साल पहले मुख्यमंत्री ने वर्चुअली किया था। दरअसल मुख्यमंत्री बजट घोषणा 2023-24 में सरकार ने इसकी घोषणा की थी। उसके बाद निर्माण के लिए टेंडर भी जारी किए गए, लेकिन जमीन के नीचे नगर निगम का नाला होने के कारण कोई फर्म आगे नहीं आई। टेंडर निरस्त करने पड़े। स्किन और नेत्र विभाग के लिए खाली होगी जगह :
ईएनटी अस्पताल के लिए नई बिल्डिंग बनने के बाद स्किन और नेत्र रोग विभाग को भी पर्याप्त जगह मिल जाएगी। वर्तमान में तीनों विभाग एक ही बिल्डिंग में चल रहे हैं। रोगियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह बिल्डिंग छोटी पड़ने लगी है। ओपीडी 300 से ज्यादा, दो सीनियर प्रो., दो एसोसिएट के पद खाली
ईएनटी विभाग में सामान्य दिनों में ओपीडी 300 से 350 तक रहती है, जबकि अप्रैल, मई, जून में 500 तक पहुंच जाती है। विभाग में यूनिट दो हैं। पीजी सीट पांच हैं। दो सीनियर प्रोफेसर और दो एसोसिएट प्रोफेसर के पद खाली हैं। यूटीबी के दो असिस्टेंट प्रोफेसर हैं। दो ही प्रोफेसर होने के कारण वर्कलोड भी बढ़ा हुआ है। “ईएनटी की नई बिल्डिंग के लिए प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृति जारी हो गई है। पीडब्ल्यूडी को टेंडर जारी करने के लिए कह दिया गया है।”
-डॉ. बीसी घीया, अधीक्षक, पीबीएम हॉस्पिटल


