मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान:अमीन कागजी और बालमुकुंदाचार्य आमने-सामने, परकोटे में मजार की छत निर्माण पर विवाद

परकोटा में मजार की छत निर्माण को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया। इसके वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। विवाद के बाद इलाके में तनाव की स्थिति रही, जिसके चलते पुलिस को अतिरिक्त जाब्ता तैनात करना पड़ा। विवाद उस समय बढ़ा जब हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य निर्माण रुकवाने पहुंचे। इसकी सूचना मिलते ही किशनपोल विधायक अमीन कागजी भी मौके पर पहुंच गए। विरासत से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: बालमुकुंदाचार्य हवामहल विधायक बालमुकुंदाचार्य ने मजार की छत निर्माण पर कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने कहा कि परकोटा क्षेत्र ऐतिहासिक और पुरातत्व महत्व का इलाका है, जहां किसी भी प्रकार के नए या बदले हुए निर्माण के लिए सख्त नियम लागू हैं। उनका आरोप है कि सब्जी मंडी की जमीन पर पक्की छत डालकर मजार बनाई जा रही है, जबकि यह जमीन निगम की है। परकोटे की दीवार से 5 मीटर के दायरे में निर्माण की अनुमति नहीं है, इसके बावजूद दीवार में सरिए डालकर काम किया जा रहा है। मजार एक ओर गणेशजी मंदिर और दूसरी ओर हनुमानजी मंदिर की दीवार से सटाकर बनाई जा रही है, जबकि पहले यहां ऐसा कोई निर्माण नहीं था। निगम अधिकारियों की मिलीभगत से नियमों के खिलाफ काम हो रहा है। परकोटा की विरासत से किसी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानूनी अनुमति के तहत हो रहा काम: अमीन कागजी किशनपोल विधायक अमीन कागजी ने बालमुकुंदाचार्य के आरोपों को खारिज किया। कागजी ने कहा कि जिस छत निर्माण को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, उसके लिए नगर निगम की ओर से वर्कऑर्डर जारी किया है और सभी प्रक्रियाएं नियमों के तहत पूरी की गई हैं। कागजी मौके पर आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में मंदिरों के जीर्णोद्धार और विकास कार्य भी हुए हैं, तब किसी ने परकोटा या विरासत की बात नहीं की। उन्होंने कहा, ‘तब आपको परकोटा नहीं दिखा, जब कहां थे महाराज?’ कागजी ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र में आकर जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने इसे राजनीतिक हस्तक्षेप बताया और जयपुर पुलिस कमिश्नरेट में लिखित शिकायत भी दी है। वैधता की जांच जारी
एडि. डीसीपी बजरंग सिंह ने बताया कि संजय सर्किल स्थित सब्जी मंडी परकोटा क्षेत्र में एक भवन की छत निर्माण को लेकर रविवार सुबह 11 बजे विवाद हुआ था। निगम द्वारा वर्क ऑर्डर जारी किया है, लेकिन वैधता की जांच की जा रही है। नियम विरुद्ध किया निर्माण
“एमएलए कोटे से 20 लाख से मजार का हॉल बनाया जा रहा है। निगम ने वर्क ऑर्डर जारी किया था। ठेकेदार ने परकोटे की दीवार में सरिए डालकर निर्माण कर दिया, जो नियम विरुद्ध है।” -हेमराज ढाका, एक्सईएन

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