भास्कर संवाददाता | श्रीगंगानगर राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (आरबीएसई) 10वीं व 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से शुरू हो रही हैं। अब केवल 5 दिन बचे हैं, तो यह समय नई किताबें पढ़ने का नहीं बल्कि रणनीतिक तैयारी का है। विशेषज्ञों से बातचीत के आधार पर हमने आपके लिए एक 5-डे मास्टर प्लान तैयार किया है। बोर्ड ने 12वीं की दो परीक्षाओं के समय में बदलाव किया है। 17 और 24 फरवरी को होने वाली परीक्षाएं सुबह के बदले दोपहर में होगी। शुक्रवार को इसकी जानकारी बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह की ओर से दी गई। बता दें कि 10वीं की परीक्षा 12 से 28 फरवरी तक होगी, जो कुल 17 दिन चलेगी। वहीं 12वीं की परीक्षा 12 फरवरी से 10 मार्च तक होगी, जो 28 दिन चलेगी। 17 फरवरी को कंप्यूटर विज्ञान और इनफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिस की सुबह 8:30 से 11:45 बजे तक परीक्षा होनी थी। जो अब दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक होगी। 24 फरवरी को होने वाली चित्रकला की परीक्षा सुबह 8:30 से 11:45 तक होनी थी। अब दोपहर 2:00 से शाम 5:15 बजे तक होगी। इस परीक्षा में जिले से करीब 50 हजार स्टूडेंट्स शामिल होंगे। . 11 फरवरी का दिन पूरी तरह से अपने पहले पेपर (जैसे अनिवार्य हिंदी या अंग्रेजी) के लिए सुरक्षित रखें . इस दिन कुछ भी नया न पढ़ें। . अपने प्रवेश पत्र, पेन, पेंसिल और अन्य जरूरी सामान एक जगह रख लें। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 17 फरवरी 2026 से शुरू होने जा रही हैं। जैसे-जैसे तारीख नजदीक आ रही है, छात्रों के बीच घबराहट बढ़ना स्वाभाविक है। लेकिन शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि अंतिम समय में हार्ड वर्क से ज्यादा स्मार्ट वर्क और मानसिक शांति सफलता की कुंजी है। परीक्षा के तनाव में अक्सर छात्र जरूरी चीजें भूल जाते हैं। विशेषज्ञों ने कई बातों का ध्यान रखने की सलाह दी है। विशेषज्ञों ने कहा कि छात्रों को इस समय परफेक्शन के पीछे भागने के बजाय अपनी ताकत पर ध्यान देना चाहिए। जो पढ़ लिया है, उसे पक्का करें। खुद पर भरोसा ही आपको अच्छे अंक दिलाएगा। इस परीक्षा में जिलेभर से 7500 से ज्यादा विद्यार्थी शामिल होंगे। 10वीं की परीक्षाएं 11 मार्च 2026 तक, जबकि 12वीं की परीक्षाएं 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित की जाएंगी। रीक्षा या किसी भी कार्य के अंतिम समय में सफलता केवल कड़ी मेहनत से नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क और मानसिक शांति से मिलती है। 1. विषयों का स्मार्ट विभाजन : शुरुआत के दो दिनों में उन विषयों पर ध्यान दें जो आपको कठिन लगते हैं या जिनमें रिवीजन बाकी है। फॉर्मूला और डायग्राम: विज्ञान और गणित के सूत्रों की एक लिस्ट बना लें। जीव विज्ञान और भूगोल के महत्वपूर्ण चित्रों को कम से कम 2-3 बार बिना देखे बनाने का अभ्यास करें। 2. पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र : मॉडल पेपर: कम से कम 2 मॉडल पेपर हल करें। इससे आपको परीक्षा के ब्लूप्रिंट और मार्किंग स्कीम का पता चलेगा। समय प्रबंधन: पेपर को निर्धारित 3 घंटे 15 मिनट में ही हल करने की कोशिश करें ताकि परीक्षा हॉल में समय की कमी न हो। 3. उत्तर लेखन शैली पर फोकस, बोर्ड परीक्षा में केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि आप उसे कैसे लिखते हैं, यह भी मायने रखता है : सुंदर लिखावट: मुख्य पॉइंट्स को बॉल्ड करें या अंडरलाइन करें। पॉइंट्स में उत्तर: बड़े उत्तरों को पैराग्राफ के बजाय पॉइंट्स में लिखें। इससे परीक्षक को उत्तर समझने में आसानी होती है। 1. रिवीजन का सही तरीका, अंतिम दिनों में नई किताबें पढ़ने के बजाय पुरानी सामग्री पर ध्यान दें : एनसीईआरटी पर भरोसा: 90% से ज्यादा पेपर एनसीईआरटी के पैटर्न पर आधारित होते हैं। इसके बॉक्स आइटम और उदाहरणों को न छोड़ें। सैंपल पेपर्स: पिछले 5 साल के प्रश्न पत्र हल करें। इससे आपको टाइम मैनेजमेंट का अंदाजा होगा। शॉर्ट नोट्स: फॉर्मूले, तारीखें और महत्वपूर्ण कीवर्ड्स के छोटे नोट्स बनाएं ताकि परीक्षा की सुबह आप उन्हें एक नजर में देख सकें। 2. तनाव मुक्त रहने के उपाय,परीक्षा का डर अक्सर तैयारी की कमी से नहीं, बल्कि परिणाम की चिंता से होता है : 7 घंटे की नींद अनिवार्य: दिमाग को सूचनाएं स्टोर करने के लिए आराम की जरूरत होती है। नींद से समझौता न करें। ब्रेक लें: हर 50 मिनट की पढ़ाई के बाद 10 मिनट का स्क्रीन-फ्री ब्रेक लें। टहलें या संगीत सुनें। सकारात्मक दृष्टिकोण: याद रखें, यह सिर्फ एक परीक्षा है, आपके जीवन का फैसला नहीं। 3. उत्तर कैसे लिखें? : पॉइंट्स में लिखें: पैराग्राफ के बजाय उत्तरों को बुलेट पॉइंट्स में लिखें। डायग्राम और फ्लोचार्ट: विज्ञान और भूगोल जैसे विषयों में डायग्राम का भरपूर उपयोग करें। समय का बंटवारा: कठिन सेक्शन के लिए पहले से समय तय कर लें ताकि अंत में हड़बड़ी न हो।


