गबन व धोखाधड़ी के मामले में 26 साल बाद सजा:फारेस्ट विभाग के तत्कालीन कार्यालय सहायक को 3 साल की जेल, 2 लाख 38 हजार का जुर्माना

पद का दुरूपयोग कर सरकारी राशि गबन करने के करीब 26 साल पुराने मामले में एसीबी कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। न्यायालय विशिष्ट न्यायाधीश सेशन न्यायालय भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (एसीबी कोर्ट) ने कार्यालय वन मंडल अधिकारी बारां के तत्कालीन कार्यालय सहायक सुरेश चंद जैन (76) निवासी बारां को 3 साल के कारावास की सजा व 2 लाख 38 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी के खिलाफ पद का दुरूपयोग व सरकारी राशि के गबन के कुल 29 मामले दर्ज है। इनमें से 14 मामलों में कोर्ट फैसला सुना चुका। कोर्ट ने 3 मामले में आरोपी को बरी किया, बाकी 11 मामलों में सजा सुनाई है। 14 वें मामले में फैसला आया
सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया कि आरोपी ने मैसर्स मूलचंद रामगोपाल छीपाबडौद के प्रोपराइटर से तेंदू पत्ता संग्रहण के पेटे साल 1997 में रकम प्राप्त की। लेकिन उस राशि को सरकारी कोष में जमा नहीं करवाया। आरोपी ने तेंदू पत्ता प्रभारी रहते राज्य सरकार को चूना लगाते हुए 84 हजार रूपए का गबन किया था।इस मामले में बारां एसीबी ने जांच के बाद कोर्ट में चालान पेश किया था। कोर्ट में 37 गवाहों के बयान करवाए गए।
सहायक निदेशक अभियोजन जया गौतम ने बताया कि वन मंडल बारां अलग अलग इकाई में बंटा हुआ था।आरोपी सुरेश चंद तेंदू पत्ता प्रभारी था। प्रभारी के पद पर रहते हुए साल 1995 से 1998 तक (3 साल तक) तेंदू पत्ता इकाइयों से आने वाली राशि मेसे गबन किया था। आरोपी सुरेश चंद क्रेता को मूल रसीद में मूल राशि भरकर देता था, लेकिन काउंटर रसीद कम पैसों की काटता था। इस पर सूत्र सूचना के आधार पर साल 1999 में मामला दर्ज कर एसीबी ने जांच की। प्राथमिक जांच में गबन की बात सामने आई। जिसके बाद आरोपी के खिलाफ एसीबी में 29 मामले दर्ज हुए। एसीबी ने आरोपी को साल 2000 में गिरफ्तार किया था।

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