निजी अस्पतालों और लैब का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य:सीएमएचओ ने दी एक महीने की डेडलाइन, नहीं कराया तो होगी कार्रवाई

स्वास्थ्य भवन में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में सीएमएचओ डॉ. दिनेश खराड़ी ने निजी अस्पतालों और पैथोलॉजी लैब के संचालकों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संस्थानों को एक महीने के भीतर क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य है। कार्यशाला में पीसीपीएनडीटी अधिनियम पर विशेष चर्चा की गई। भ्रूण लिंग परीक्षण की शिकायतों के लिए वॉट्सऐप नंबर 9799997795 और टोल फ्री नंबर 104 जारी किए गए हैं। मुखबिर योजना के तहत कन्या भ्रूण हत्या की सूचना देने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा। प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत पंजीकृत निजी सोनोग्राफी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं की नि:शुल्क जांच की जाएगी, जिसका भुगतान राज्य सरकार करेगी। सीएमएचओ ने सभी पंजीकृत निजी चिकित्सालयों को सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचाने का निर्देश दिया। कार्यशाला में निजी लैब और अस्पताल संचालकों ने बायोमेडिकल वेस्ट के उच्च शुल्क का मुद्दा उठाया। सीएमएचओ ने आश्वासन दिया कि वे इस मामले को निदेशालय के समक्ष रखेंगे। कार्यक्रम में डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा, आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला, डीपीएम नरेश कुमार टेलर सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

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