डॉक्टर बोले- फाइलेरिया का बचाव ही संभव, कोई इलाज नहीं

भास्कर न्यूज | करहीबाजार फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत ग्राम बिटकुली के ग्राम पंचायत में 6 और 7 फरवरी को आगामी 10 फरवरी से प्रारंभ होने वाले फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम को सफल बनाने के उद्देश्य से प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र बिटकुली प्रभारी डॉक्टर दिनेश दांडे द्वारा क्षेत्र के गांव से प्रतिनियुक्त मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को बताएं कि फाइलेरिया बीमारी मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता है उन्होंने बताया कि गंदा पानी में मच्छर पनपता है इसलिए आसपास के क्षेत्र में साफ सफाई रखना है। वही आम लोगों को इसको लेकर जागरूक करना है। फाइलेरिया से बचाव का एकमात्र कारगर उपाय नियमित और सही तरीके से दवा का सेवन है। प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित मितानिनों आंगनबाड़ी कर्ताओं को डॉक्टर ने कहा कि यह जरूरी है कि वास्तव में दवा खाई जाए सिर्फ ली जाए ऐसा ना हो। क्षेत्र में अफवाह डर सबसे बड़ी चुनौती होती है। ऐसे में सभी को सकारात्मक माहौल बनाना है लोगों की शंकाओं का समाधान करना है और उन्हें भरोसे दिलाना है। अंत में प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को फाइलेरिया संबंधित पंपलेट का वितरण किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि यह बीमारी कुलेक्स मच्छर के काटने से होता है जिसके कारण हाथ पैर स्तन और अंडकोष हाइड्रोसील में सूजन आ जाता है यह शरीर के लसिका तंत्र को नुकसान पहुंचता है। कार्यकर्ताओं को सुनिश्चित करना है कि लोग उनके सामने ही फाइलेरिया रोधी दवा खाएं। यह दवा 2 साल से छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बहुत ही बीमार व्यक्तियों को नहीं दी जाती है। ग्रामीणों को यह समझना है कि हाथी पांव का कोई इलाज नहीं है सिर्फ बचाव संभव है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *