विदेशी धरती पर करनाल के युवक की आखिरी विदाई:7 महीने पहले एक्सीडेंट में मौत; DNA मिलान के बाद मिली बॉडी, जमीन बेचकर गया अमेरिका

अमेरिका के कैलिफोर्निया में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले करनाल जिला के कोयर गांव के विशाल का 7 महीने बाद अमेरिका में हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार दाह संस्कार करवाया गया। डीएनए मैच प्रक्रिया में इतना ज्यादा समय लगा। डीएनए मैच होने के बाद शव मिला और अब उसका दाह संस्कार किया गया। क्या था मामला…
अमेरिका के कैलिफोर्निया में 23 जून 2025 की रात को सड़क हादसे में हरियाणा के दो दोस्तों की मौत हो गई थी। जिसमें कोयर गांव का विशाल और कैथल के सिरसल गांव का अरूण जांगड़ा उर्फ रोमी शामिल थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब दोनों युवक अपनी जगुआर कार से घूमने जा रहे थे। कार की रफ्तार तेज थी, जो बेकाबू होकर पलट गई। फिर पलटी खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से जा टकराई। ट्रक से टक्कर लगते ही कार में आग लग गई, जिसमें दोनों युवक जिंदा जल गए। सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड ने किसी तरह आग पर काबू पाया। इसके बाद दोनों को निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया गया, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। अमेरिका में 7 फरवरी को हुआ अंतिम संस्कार, डीएनए में लगा टाइम
अमेरिका के हिसाब से 7 फरवरी और इंडिया के हिसाब से 8 फरवरी को 7 महीने बाद अमेरिका में ही विशाल का अंतिम संस्कार हुआ। अमेरिका में समाजसेवी डा. जसबीर लोहान यूएसए ने अपने सोशल मीडिया प्रोफाइल के माध्यम से इसकी जानकारी सांझा की। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आखिर इतना समय क्यों लगा? उन्होंने शोकसभा के दौरान दुख जताया और परमात्मा से विशाल की आत्मका की शांति की प्रार्थना की। उन्होंने शोकसभा में जानकारी देते हुए बताया कि विशाल का शरीर 90 प्रतिशत जला हुआ था, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। पहचान न होने की वजह से बॉडी नहीं मिल पा रही थी। मुझे भी करीब 6 महीने बाद पता चला कि बॉडी नहीं मिली है और न ही संस्कार हुआ है। इसके बाद मैने संबंधित डिपार्टमेंट से बात की और डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस भी इसमें शामिल हुआ। उन्होंने यही बात कही कि विशाल की पहचान नहीं हुई है तो बॉडी कैसे दे? इसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा गया। जिसके बाद लीगल तरीके से इंडिया से विशाल के परिजन का सैंपल मंगवाया गया और उसके बाद डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया हुई। डीएनए मैच होने के बाद बॉडी हमें मिली है अौर अब उसका दाह संस्कार किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से भी अपील की कि सड़कों पर किसी भी तरह की लापरवाही न बरते, क्योंकि आप विदेश में है और हादसो के दौरान किस तरह की दिक्कतें आती है वे सबके सामने है। स्टडी वीजा पर कनाडा गया युवक, फिर अमेरिका पहुंचा
जानकारी के मुताबिक कैथल के पुंडरी क्षेत्र के गांव सिरसल का अरुण जांगड़ा उर्फ रोमी (24) 2 साल पहले टूरिस्ट वीजा पर कनाडा गया था। हालांकि बाद में वह कनाडा से अमेरिका शिफ्ट हो गया। जहां वह ट्रक चलाने लगा। वहां उसकी दोस्ती करनाल के कोयर गांव के रहने वाले विशाल (22) से हुई। विशाल की एक बहन भी है। कार से घूमने निकले थे दोनों युवक
युवक के परिजनों के मुताबिक 23 जून की रात को दोनों कार से घूमने निकले थे। उनकी कार की स्पीड तेज थी। इस वजह से रास्ते में उनकी कार बेकाबू हो गई। वह सड़क पर ही पलट गई और पलटियां खाते हुए सामने से आ रहे ट्रक से टकरा गया। टक्कर लगते ही कार में आग लग गई। दोनों युवक अंदर ही फंस गए। पुलिस-फायर ब्रिगेड के पहुंचने तक मौत हुई
कार में आग लगने की सूचना पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। फायर ब्रिगेड भी आ गई। उन्होंने तुरंत कार में लगी आग बुझाई और दोनों युवकों का अंदर से निकालकर हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बाद में पहचान होने पर दोनों युवकों के परिवारों को जानकारी दी गई। एक एकड़ जमीन बेचकर कनाडा गया था रोमी
रोमी गरीब परिवार से था। उसके पिता चिनाई का काम करते हैं। परिवार में मां और एक छोटा भाई भी है। रोमी अभी अविवाहित था। परिवार के मुताबिक, रोमी ने कनाडा जाने के लिए एक एकड़ जमीन बेची थी। इसके बाद वह टूरिस्ट वीजा पर कनाडा चला गया। वहां कुछ दिन काम किया। थोड़ा सा पैसा इकट्‌ठा होने के बाद उसने कनाडा में ही रहने वाले अपने जानकार लोगों से कुछ और उधार लिया, जिसके बाद वह अमेरिका चला गया। रोमी अमेरिका में ट्रक चलाता था, जिससे होने वाली कमाई से पैसे घर भेजता था। डंकी रास्ते से अमेरिका गया विशाल
हादसे के बाद कोयर गांव निवासी सुमित ने बताया था कि उसके चाचा का लड़का विशाल 2022 में डंकी रास्ते अमेरिका गया था। पिता कर्म सिंह पहले खेती का काम करते थे, लेकिन अब काफी समय से बीमार चल रहे है। इस कारण चार किले जमीन को ठेके पर दिया हुआ था। विशाल को अमेरिका भेजने के लिए चाचा ने एक किला जमीन बेची थी। इसके अलावा करीब 14 से 15 लाख रुपए रिश्तेदारों से कर्ज उठाया था। विशाल की बहन और मामा विदेश में रहते हैं
विशाल जब छोटा था तो उसकी मां का निधन हो गया था। पिता और बड़ी बहन ने ही उसे पाला। उसकी बहन की शादी करनाल में हुई है, जो अब अपने पति के साथ पुर्तगाल में रहती है। विशाल के मामा के पास भी यूके की सिटीजनशिप है। परिवार के मुताबिक, विशाल भी ट्रक ही चलाता था। एक साथ रहते थे दोनों, काम से घर लौट रहे थे
सुमित ने बताया कि विशाल और उसका दोस्त रोमी ट्रक छोड़कर अपनी जगुआर कार से फ्रिजनों में घर आ रहे थे। इसी दौरान ट्रक से उनकी कार की टक्कर हो गई। इसमें कार में सवार विशाल और रोमी जिंदा जल गए।
रोमी के पिता के मुताबिक, परिवार ने यह सोचकर उसे विदेश भेजा था कि यहां खेती-बाड़ी के सहारे केवल गुजर बसर हो सकती है, वहां जाकर बेटा परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार करेगा, लेकिन हुआ इसके विपरीत। परिवार को नहीं पता था कि हादसे से उनके अरमानों पर पानी फिर जाएगा।

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