शहर में मोबाइल चोरी की बढ़ती वारदातों के बीच पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पूरी प्लानिंग के साथ बाहर से जयपुर आकर चोरी करता था। आरोपी पहले टैक्सी से शहर पहुंचते, किराए के होटल में ठहरते, फिर अच्छे रेस्टोरेंट में ग्राहक बनकर बैठते और मौका मिलते ही मोबाइल लेकर गायब हो जाते थे। बजाज नगर थाना पुलिस ने इस गिरोह के एक सदस्य को जयपुर से और मुख्य आरोपी को किशनगढ़ से गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के पास से चोरी किए गए दोनों मोबाइल भी बरामद किए हैं। मामला बजाज नगर थाना इलाके का है। आदिनाथ नगर स्थित एक रेस्टोरेंट से दो मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज हुई थी। शुरुआत में रेस्टोरेंट में बैठे ग्राहकों को चोरी का पता ही नहीं चला। बाद में जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो एक युवक बार-बार टेबलों के पास घूमता दिखा और मौका पाकर मोबाइल उठाकर बाहर निकल गया। पहले रैकी, फिर चुपचाप लेकर निकल जाते थानाधिकारी पूनम चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान राहुल रोजना निवासी किशनगढ़ के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी योजनाबद्ध तरीके से किशनगढ़ से टैक्सी किराए पर लेकर जयपुर आते थे। शहर पहुंचकर वे सोडाला इलाके के होटल में कमरा लेते ताकि स्थानीय पहचान से बच सकें। इसके बाद टैक्सी से रेस्टोरेंट पहुंचते, करीब 500 रुपए खर्च कर ग्राहक की तरह एंट्री लेते और वहां बैठकर माहौल का जायजा लेते थे। जैसे ही कोई ग्राहक मोबाइल लापरवाही से छोड़ता, आरोपी चुपचाप उसे उठाकर निकल जाते थे। थाना स्पेशल टीम के रामवतार की अहम भूमिका रही। चोरी हुए आईफोन की लोकेशन ट्रैक कर आरोपी को पकड़ा
पुलिस के अनुसार, एक ही वारदात के लिए आरोपियों ने 700 रुपए टैक्सी, 2500 रुपए होटल और अन्य खर्च किए थे। सीसीटीवी फुटेज के साथ ही चोरी हुए आईफोन की लोकेशन ट्रैक पुलिस के लिए अहम कड़ी बनी। लोकेशन से टीम सोडाला स्थित होटल पहुंची, लेकिन आरोपी चेकआउट कर चुके थे। होटल रिकॉर्ड से आईडी और दस्तावेज मिले, जिससे पहचान पुख्ता हो गई। इसके बाद गिरोह का एक सदस्य दोबारा जयपुर लौटा और उसी होटल में ठहर गया। पुलिस पहले से सतर्क थी और उसे दबोच लिया गया। पूछताछ के बाद पुलिस मुख्य आरोपी राहुल को किशनगढ़ से पकड़ लाई।


