सागर में ऑटो में सफर करते समय यात्री का बैग छूट गया। बैग में कीमती सामान रखा हुआ था। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने ऑटो की तलाश शुरू की। लेकिन ऑटो बगैर नंबर का होने के कारण खोजने में काफी मशक्कत करना पड़ी। पुलिस ने ऑटो एजेंसियों से संपर्क कर नए ऑटो रिक्शा की जानकारी निकाली और चार दिन बाद रविवार को ऑटो को ढूंढ लिया। जिसके बाद बैग मिला। बैग कंट्रोल रूम लाकर यात्री को सुरक्षित सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, 3 फरवरी को ग्राम देवलचौरी निवासी हरिओम तिवारी ने कंट्रोल रूम पहुंचकर शिकायत की। शिकायत में बताया कि उनकी बहन मोतीनगर से बस स्टैंड तक ऑटो से आई थीं। इसी दौरान उनका बैग ऑटो रिक्शा में छूट गया। बैग में कपड़े और कीमती सामान रखा हुआ है। शिकायत मिलते ही कंट्रोल रूम में मौजूद एसआई आरकेएस चौहान ने टीम को बैग की तलाश के लिए लगाया। शहर में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। मोतीनगर से बस स्टैंड के मार्ग के कैमरों के फुटेज देखने पर ऑटो नजर आया। लेकिन ऑटो रिक्शा में नंबर प्लेट नहीं थी। ऑटो एजेंसी से 15 ऑटो मालिकों के नंबर मिले शहर में एक ही तरह के अन्य ऑटो होने से उसकी पहचान नहीं हो पा रही थी। ऐसे में पुलिस ने एक टीम को ऑटो एजेंसियों में भेजा। जहां से नए ऑटो की जानकारी निकाली। वहां से करीब 15 ऑटो रिक्शा और उनके मालिकों की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस ने सभी 15 ऑटो मालिकों से बात की। बातचीत के दौरान एक ऑटो चालक ने बैग होने की बात कही। वह सूचना मिलते ही तत्काल बैग लेकर कंट्रोल रूम पहुंचा। जहां बैग खोलकर देखा तो उसमें रखा सभी सामान सुरक्षित था। पुलिस ने चार दिन की मशक्कत के बाद बैग तलाश कर हरिओम तिवारी को सौंप दिया। बैग तलाशने वाली टीम में एसआई आरकेएस चौहान, सीसीटीवी ऑपरेटर रेखा रजक, आरक्षक बद्री सिंह समेत अन्य शामिल थे।


