भास्कर न्यूज |गिरिडीह गिरिडीह जिला कर्मचारी-शिक्षक- मजदूर समन्वय समिति की ओर से रविवार को एलआईसी मुख्य शाखा कार्यालय परिसर में चार श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के खिलाफ एक दिवसीय कन्वेंशन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि झारखंड सरकार के नगर विकास मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ,विशिष्ट अतिथि सीटू के झारखंड राज्य महासचिव कॉमरेड विश्वजीत देव उपस्थित रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता मृदुल कांति दास और संचालन एवं संयोजन समन्वय समिति के संयोजक धर्म प्रकाश ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों का बुके देकर स्वागत के साथ हुई।धर्म प्रकाश ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित चार श्रम संहिताओं को 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी है। यदि ये कानून लागू हुए तो कर्मचारियों के हड़ताल जैसे मौलिक अधिकारों पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो जाएगा। विश्वजीत देव ने चारों श्रम संहिताओं को श्रमिक विरोधी बताते हुए कहा कि इनके खिलाफ व्यापक आंदोलन जरूरी है। उन्होंने बताया कि हड़ताल के माध्यम से श्रम संहिताओं को रद्द करने, बीमा क्षेत्र में 100 प्रतिशत एफडीआई वापस लेने तथा मनरेगा को पुनः प्रभावी रूप से लागू करने की मांग की जाएगी। बीमा कर्मचारी संघ के महासचिव जे.सी. मित्तल ने बीमा कानून संशोधन बिल 2025 पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे विदेशी पूंजी को घरेलू बचत पर नियंत्रण मिल जाएगा, जो देशहित में नहीं है। कार्यक्रम में विभिन्न कर्मचारी और मजदूर संगठनों के 200 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजन को सफल बनाने में एलआईसी कर्मचारियों एवं अभिकर्ताओं सहित कई संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सरकार की नीतियां कॉरपोरेट के पक्ष में बन रही: मंत्री मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति के लिए हम सभी जिम्मेदार हैं। सरकार की नीतियां कॉरपोरेट के पक्ष में बन रही हैं, जिससे आम जनता, कर्मचारी, मजदूर और किसान प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सभी संगठनों से एकजुट होकर संघर्ष तेज करने की अपील की और 12 फरवरी को आहूत राष्ट्रव्यापी एक दिवसीय हड़ताल को राज्य सरकार का नैतिक समर्थन देने की घोषणा की।


