सरहदी जिले जैसलमेर में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। जहां एक ओर उत्तर से आने वाली सर्द हवाओं का असर खत्म होने से गर्मी ने दस्तक दे दी है, वहीं सोमवार को अचानक मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया। सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही शुरू हो गई, जिससे सूरज की तपिश कम हुई और ठिठुरन का अहसास बढ़ गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी चार दिनों तक जिले में मौसम शुष्क रहेगा। बादलों की हल्की आवाजाही के बावजूद अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। बादलों की ओट में छिपा सूरज, फिर निकले स्वेटर सोमवार को मौसम में आए इस अचानक बदलाव ने लोगों को चौंका दिया। पिछले कई दिनों से पड़ रही तेज धूप के बाद सोमवार सुबह जब सूर्य देव बादलों की ओट में रहे, तो हवाओं में फिर से ठंडक घुल गई। जो लोग पिछले हफ्ते गर्मी के कारण स्वेटर और जैकेट छोड़ चुके थे, उन्हें सोमवार सुबह और शाम को फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ा। हालांकि, दोपहर में बादल छंटने के बाद मौसम सामान्य हुआ, लेकिन ठंड का असर बरकरार रहा। दिन और रात के तापमान में बड़ा अंतर रविवार तक जिले में गर्मी का असर इतना था कि अधिकतम तापमान 29.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच गया था, जो सामान्य से करीब 6 डिग्री अधिक है। दिन और रात के तापमान में करीब 17 डिग्री का अंतर बना हुआ है। रविवार को न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, जनवरी में जहां पारा सामान्य से नीचे था, वहीं फरवरी की शुरुआत ने पिछले कई सालों के रिकॉर्ड की तरफ इशारा किया है। सिंचाई के लिए पानी को तरस रहे किसान तापमान में इस उतार-चढ़ाव का सबसे ज्यादा असर कृषि क्षेत्र पर पड़ रहा है। नहरी क्षेत्र के किसान बढ़ती गर्मी और शुष्क मौसम से चिंतित हैं। रबी की फसलें— गेहूं, सरसों और चना इस समय तैयार होने की स्थिति में हैं और इन्हें पर्याप्त पानी की जरूरत है। किसानों का कहना है कि बढ़ते तापमान से फसलों के जलने का खतरा है, ऐसे में नहरों में पानी की निरंतर आपूर्ति बेहद जरूरी है। आगामी दिनों का हाल मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आगामी चार दिनों तक जिले में मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा। बादलों की हल्की आवाजाही के बावजूद अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है।


