कनाडा में शरणार्थी बनकर रहने वाले गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने की डिमांड तेजी से बढ़ने लगी है। कनाडा की संसद में विपक्ष के नेता लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने की मांग कर चुके हैं और अब पीपल्स पार्टी ऑफ कनाडा के प्रमुख मैक्सिम बर्नियर ने गैंगस्टरों को डिपार्ट करने की डिमांड कर दी है। कनाडा के विपक्षी दलों के साथ-साथ पंजाब पुलिस भी कनाडा से गैंग ऑपरेट करने वाले गोल्डी बराड़ व लॉरेंस विश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टरों को भारत लाना चाहती है। विपक्षी दलों कनाडा की सरकार पर दबाव बना रहे हैं कि इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव करके अवैध तरीके से कनाडा पहुंचे गैंगस्टरों को डिपोर्ट किया जाए ताकि कनाडा में हो रहे क्राइम को कंट्रोल किया जा सके। पीपल्स पार्टी ऑफ कनाडा के मैक्सिम बर्नियर ने X पर पोस्ट करके लिखा है कि गैंगस्टर कनाडा के सरे और ब्रैम्पटन में क्राइम वेब पैदा करके इमरजैंसी घोषित करना चाहते हैं। उन्होंने लिखा है कि इस समस्या को जड़ से खत्म करने की जरूरत है। मैक्सिम बर्नियर ने लिखा है कि राजनीतिक दल अपने फायदे के लिए विदेशी अलगाववादियों को बढ़ावा दे रहे हैं। कनाडा में अपने समर्थकों की संख्या बढ़ाने के लिए फर्जी शिक्षण संस्थानों, इमिग्रेशन पॉलिसी और शरणार्थी पॉलिसी का सहारा ले रहे हैं। इमीग्रेशन फाइलों की जांच करे सरकार पीपल्स पार्टी ऑफ कनाडा के मैक्सिम बर्नियर ने लिखा है कि अगर कनाडा में गैंगस्टरों व अलगाववादियों की गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई तो इससे कनाडा के भविष्य का क्या होगा। उन्होंने लिखा है कि कनाडा सरकार को इमिग्रेशन फाइलों की जांच करनी चाहिए। जिन लोगों ने धोखाधड़ी से नागरिकता हासिल की है, उनकी नागरिकता रद्द कर देनी चाहिए। कनाडा की संसद में लॉरेंस विश्नोई गैंग का मुद्दा कनाडा में गैंगस्टरों की गतिविधियों से लोग इतने परेशान हैं कि हाउस ऑफ कॉमन्स(कनाडा की संसद) में विपक्ष के नेता को लॉरेंस गैंग के गैंगस्टरों पर सरकार से सवाल पूछना पड़ गया। कंजर्वेटिव पार्टी के नेता पियरे पोइलिवरे ने कनाडा में लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टरों की एंट्री के लिए सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया। नेता विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि जो गैंगस्टर फर्जी शरणार्थी बनकर यहां रह रहे हैं, उन्हें डिपोर्ट कर दिया जाए। कनाडा में रंगदारी का संकट सदन में विपक्षी नेता पियरे पोइलिवरे ने कहा कि कनाडा में रंगदारी का संकट पैदा कर दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने बिना किसी पुख्ता जांच के लॉरेंस विश्नोई गैंग के गैंगस्टरों को कनाडा में आने की अनुमति दी। इतना ही नहीं, दोषी ठहराए जाने के बाद भी वे फर्जी शरणार्थी का दावा करके यहीं पर जमे हुए हैं। विपक्ष के नेता ने कनाडा की संसद में क्या कहा, जानिए कनाडा की इमिग्रेशन पॉलिसी फेल: विपक्ष के नेता पियरे पोइलिवरे कहा कि कनाडा की अर्थव्यवस्था सिकुड़ रही है। लिबरल पार्टी की आर्थिक नीति से लेकर इमिग्रेशन नीति तक सभी फेल हो चुकी हैं। जिसका नुकसान कनाडा के लोगों को झेलना पड़ रहा है। यहां रंगदारी और फायरिंग जैसे अपराध बढ़ रहे हैं। लॉरेंस गैंग ने रंगदारी का संकट पैदा किया: संसद में बोलते हुए पियरे पोइलिवरे ने कहा कि लिबरल सरकार ने बिना जांच-पड़ताल के लॉरेंस बिश्नोई गैंग के गैंगस्टर्स को कनाडा में आने की अनुमति देकर रंगदारी (extortion) का संकट पैदा कर दिया है। लगातार इसके मामले आ रहे हैं। फेक शरणार्थी बनकर रह रहे: उन्होंने कनाडा की संसद में कहा कि गैंगस्टरों अब दोषी ठहराए जाने के बाद भी यहां रहने की अनुमति दी जा रही है। गैंगस्टर शरणार्थी (refugee) होने का कोई फर्जी दावा करते हैं। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने दोषी ठहराए जाने पर गैंगस्टरों को डिपोर्ट करने का प्रस्ताव रखा था। कानून में संशोधन की मांग: विपक्ष ने सरकार से मांग की है कि जो भी गैंगस्टर रंगदारी मांगता है या अन्य वारदात करता है तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। फर्जी शरणार्थियाें को कनाडा से बाहर निकालने के लिए कानून बनाया जाए। इसके लिए जरूरत पड़ने पर कानून में संसोधन भी किया जाए पुलिस कर रही है सख्त कानून की डिमांड कनाडा के कानून मंत्री सीन फ्रेजर ने संसद में कहा कि विपक्ष ऐसे गैंगस्टरों पर कार्रवाई करने के लिए कानून बनाने में सहयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि पुलिस जिन कानूनों की मांग कर रही है, कंजर्वेटिव्स उन्हें पारित करने में मदद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लगातार इस मामले में सख्त कानून बनाने की डिमांड कर रही है। गोल्डी बराड़ समेत गई गैंगस्टर कनाडा में होने का शक गोल्डी बराड़, अर्शदीप डल्ला व लॉरेंस गैंग के कई गैंगस्टरों के कनाडा में होने का शक है। गोल्डी बराड़ व लॉरेंस गैंग कनाडा से पंजाब समेत देश के अलग-अलग राज्यों में अपनी गतिविधियां चल रहे हैं। वहीं लॉरेंस गैंग के सदस्य कनाडा में भी रंगदारियां मांग रहे हैं। इसके अलावा खालिस्तान समर्थक भी आए दिन कनाडा के अलग-अलग शहरों में प्रदर्शन करते आ रहे हैं।


