गोघटपुर फैक्ट्री के बाद दूसरी बड़ी बरामदगी:जंगल में फेंके 5 करोड़ रु. के ड्रग केमिकल, नेटवर्क की कड़ी जुड़ी

जिले में ड्रग नेटवर्क की परतें लगातार खुल रही हैं। गोघटपुर गांव में ड्रग फैक्ट्री पकड़े जाने के चार दिन बाद माचलपुर थाना क्षेत्र के आदमपुरा जंगल में करीब 5 करोड़ रुपए कीमत का ड्रग बनाने वाला केमिकल बरामद हुआ है। पुलिस को खंती में नीले रंग के 5 ड्रम मिले, जिनमें सफेद क्रिस्टल जैसा पाउडर था। इलेक्ट्रॉनिक कांटे से तौलने पर कुल वजन 266.9 किलोग्राम निकला। प्रारंभिक जांच में यह एमडी ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाला केमिकल बताया गया है। आशंका है कि कार्रवाई के डर से तस्करों ने इसे जंगल में फेंक दिया। उप निरीक्षक गुड्डू कुशवाह की रिपोर्ट पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस अब केमिकल के स्रोत और सप्लाई चेन की पड़ताल कर रही है। गोघटपुर फैक्ट्री से जुड़ता दिख रहा कनेक्शन : चार दिन पहले गोघटपुर गांव में ड्रग फैक्ट्री से 4 करोड़ रुपए का केमिकल और लग्जरी कार जब्त हुई थी। पुलिस का मानना है कि माचलपुर में मिला केमिकल उसी नेटवर्क से जुड़ा है। ड्रम की पैकिंग और तरीका पहले पकड़ी गई सामग्री जैसा बताया जा रहा है। संभावना है कि फरार आरोपी कार्रवाई से बचने के लिए बचा हुआ माल जंगल में छोड़कर भागे हों। फरार रघुनंदन की तलाश में 5 दिन, 30 जगह दबिश ड्रग फैक्ट्री के मुख्य आरोपी रघुनंदन पाटीदार की तलाश में राजगढ़ पुलिस ने पांच दिनों में करीब 30 स्थानों पर छापेमारी की है। उसके रिश्तेदारों, ससुराल और संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिला। पांच थानों की टीमें और दो निरीक्षक लगातार अभियान में जुटे हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहा है। राजस्थान से राजगढ़ तक फैली हो सकती सप्लाई चेन लगातार दूसरी बड़ी बरामदगी के बाद पुलिस इसे संगठित ड्रग नेटवर्क मान रही है। जांच में राजस्थान से राजगढ़ तक सप्लाई चेन के संकेत मिले हैं। साइबर और तकनीकी टीम संदिग्ध नंबरों और लोकेशन की पड़ताल कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि केमिकल कहां से लाया गया और किन शहरों में ड्रग तैयार कर सप्लाई की जानी थी।

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