अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आह्वान पर कर्मचारियों की ओर से श्रीगंगानगर जिला कलेक्ट्रेट पर सद्बुद्धि यज्ञ किया गया। जिसमें महासंघ से जुड़े विभिन्न संगठनों के कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने सरकार की सद्बुद्धि के लिए मंत्र उच्चारण के साथ यज्ञ में आहुतियां दी। इसके साथ ही मांगें नहीं मानने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी। बोले- महारैली निकाल आक्रोश जताया था महासंघ के जिलाध्यक्ष अशोक कलवानिया और जिला मंत्री राधेश्याम यादव ने बताया- राज्य के लाखों कर्मचारी अपनी 11 सूत्री मांगों और 7 संकल्पों पर पूरी तरह अडिग हैं। इन मांगों को लेकर 12 जनवरी को जयपुर में हजारों कर्मचारियों ने चेतावनी महारैली निकाली थी और आक्रोश जाहिर किया था। इस रैली के बाद सीएम ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक घोषणा की थी। सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ महासंघ के प्रवक्ता रविन्द्र शर्मा ने कहा- जिला कलेक्टर के बाहर आज सरकार की सद्बुद्धि के लिए यज्ञ किया गया है ताकि सरकार को सद्बुद्धि मिले और वह कर्मचारियों की मांगों को पूरा करें। कर्मचारी संगठन आगामी राज्य बजट के बाद अपनी मांगों को लेकर नई रणनीति तैयार करेगा। सरकार लगातार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। उग्र आंदोलन की चेतावनी कर्मचारियों की मांगों में पुरानी पेंशन स्कीम (OPS) बहाली, वेतन विसंगतियां दूर करना, समान काम-समान वेतन, न्यूनतम वेतन 20 हजार रुपए तय करना, संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, पदोन्नति में तेजी (DPC) और अन्य लंबित मुद्दे शामिल हैं। महासंघ ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।


