फलोदी में लापता महिला को ढूंढने की मांग को लेकर महिला का भाई और ससुर पानी के टंकी पर चढ़ गए। महिला के भाई ने टंकी पर चढ़कर पेट्रोल की बोतल से आगजनी भी कर दी थी। महिला को ढूंढने की मांग पर दोनों अड़े रहे। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों से समझाइश की। 15 दिनों में महिला को ढूंढ निकालने के आश्वासन पर करीब 7 घंटे बाद दोनों टंकी से नीचे उतरे। दो साल पहले लापता हुई थी महिला
मामला जिले के चाखू थाना क्षेत्र के गांव में रविवार शाम का है। डीएसपी अचल सिंह देवड़ा ने बताया- पूरा मामला करीब 2 साल पहले का है। चाखू की महिला संगीता राव (23) पत्नी गणेशाराम राव देर रात को गायब हो गई थी। सुबह परिजनों ने महिला की गुमशुदगी दर्ज करवाई थी। गांव के ही दुकानदार पर अपहरण के आरोप
गांव में ही एक फैंसी स्टोर की दुकान थी। जिसे बाड़मेर का युवक अशोक गवारिया चलाता था। अशोक मीट की दुकान भी चलाता था। महिला के गायब होने के बाद से दो दिनों तक अशोक की दुकान भी बंद रही। ऐसे में परिजनों को शक हुआ कि अशोक ने संगीता का अपहरण कर लिया। इसके बाद परिजनों ने धरना प्रदर्शन किया, कई बार ज्ञापन दिए, लेकिन संगीता का अभी तक पता नहीं चल पाया। अशोक के परिजन सामान लेने आए तो किया विरोध
रविवार को अशोक गवारिया की बहनें और पिता अपने रिश्तेदारों के साथ दो गाड़ियों से चाखू गांव पहुंचे। वो सभी अपनी दुकान का सामान लेने आए थे। भनक लगते ही सभी ग्रामीण इकट्ठा हो गए और विरोध करने लगे। जिसे देखकर अशोक की बहनें और परिजन बिना सामान लिए ही वापस लौट गए। कार्रवाई की मांग को लेकर टंकी पर चढ़े
घटना की जानकारी मिलते ही संगीता का भाई किसना राम राव और ससुर किसना राम राव शाम करीब 4 बजे पानी की टंकी पर चढ़ गए और कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। दोनों का आरोप है कि वे दो साल से लगातार थाने के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन संगीता का कोई पता नहीं चल पाया। भाई किसान राम राव ने टंकी पर पेट्रोल की बोतल से आग भी लगा दी। परिवार वालों ने आरोप लगाया कि उन्होंने चाखू थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी बहन का अपहरण अशोक गवारिया ने किया है, लेकिन इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे परेशान होकर उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर होना पड़ा। एसडीएम-डीएसपी की समझाइश पर नीचे उतरे
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। बाप एसडीएम सत्यनारायण बिश्नोई, फलोदी डीएसपी अचल सिंह देवड़ा, घंटियाली तहसीलदार सुनील बिश्नोई, चाखू एसएचओ प्रेमाराम, जाम्बा एसएचओ रूपाराम, ग्राम विकास अधिकारी ओमप्रकाश कालीराम भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने टंकी पर चढ़े दोनों व्यक्तियों से समझाइश शुरू की। एसडीएम और डीएसपी ने परिवार को आश्वासन दिया, जिसके बाद रात पौने 10 बजे दोनों व्यक्ति टंकी से नीचे उतर गए।


