भास्कर न्यूज | जशपुरनगर शिक्षा को दान नहीं, बल्कि समाज का निवेश मानने वाले शिक्षकों की बदौलत ही आज भी गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा बनी हुई है। ऐसा ही उदाहरण जशपुर जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल शेखरपुर में मिला, जहां व्याख्याता मोतीलाल भारती ने अपने वेतन से कक्षा 10वीं और 12वीं बोर्ड की छह छात्राओं को पुरस्कृत कर शिक्षा जगत में मिसाल पेश की। शिक्षा सत्र 2024-25 की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने के बाद मोतीलाल भारती ने छात्रों से किया अपना वादा निभाया। उन्होंने कहा था कि 80 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाली और प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को वे आर्थिक रूप से पुरस्कृत करेंगे। स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने इन मेधावी बेटियों को सम्मानित किया। शिक्षा ही विकास का सबसे मजबूत आधार: छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए मोतीलाल भारती ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है। एक शिक्षक होने के नाते यह मेरा दायित्व है कि मैं प्रतिभावान छात्रों की मदद करूं। यह छोटी सी भेंट उनके सपनों को साकार करने की दिशा में योगदान है। विकासखंड शिक्षा अधिकारी वेदानंद आर्य ने इस पहल को अनुकरणीय बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे समर्पित शिक्षक ही विभाग और समाज का गौरव हैं। इससे अन्य शिक्षकों और समाज के संपन्न लोगों को भी विद्यार्थियों की मदद करने की प्रेरणा मिलेगी। शेखरपुर स्कूल के कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पालकों और ग्रामीणों ने शिक्षक की प्रशंसा की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे प्रोत्साहन से ग्रामीण क्षेत्र की छात्राओं में शिक्षा के प्रति प्रतिस्पर्धा और उत्साह बढ़ेगा। मोतीलाल भारती ने बताया कि केवल छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रेरित करने, उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं का मनोबल बढ़ाने और उनकी आगे की पढ़ाई में संसाधनों की कमी न आए, इसके लिए आर्थिक सहायता प्रदान की गई। चयनित छात्राओं 10 बोर्ड में 97.1% लाने वाली सृष्टि यादव, 90.8% लाने वाली साधना पैकरा, 88.3% अंक लाने वाली श्रद्धा बेहरा और 12 बोर्ड की छात्रा ममता गुप्ता, जयंती खलखो, पूजा यादव को 10-10 हजार की राशि दी गई।


