भास्कर न्यूज | जशपुरनगर जशपुर जिले में सुशासन और पारदर्शिता को सशक्त बनाने के उद्देश्य से जिले की सभी ग्राम पंचायतों में रोजगार दिवस और आवास दिवस का संयुक्त आयोजन किया गया। इस आयोजन ने ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया और केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को सीधे पंचायत स्तर पर पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। आयोजन की विशेष बात तकनीक का उपयोग रहा। ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थलों पर लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर ग्रामीण अब अपने मोबाइल पर ही मनरेगा के स्वीकृत कार्यों और उनकी प्रगति की जानकारी देख पा रहे हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों से कहा कि तकनीक का उपयोग कर व्यवस्था में पारदर्शिता और भरोसे को मजबूत करें। कार्यक्रम के दौरान महात्मा गांधी नरेगा के स्थान पर लागू नवीन योजना ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (जी-राम-जी) पर विस्तृत चर्चा की गई। इस योजना के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं। ग्रामीण परिवारों को अब साल में 125 दिनों का सुनिश्चित रोजगार प्रदान किया जाएगा। हाजिरी और भुगतान में पारदर्शिता के लिए बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण और मोबाइल आधारित निगरानी की जाएगी । जल संरक्षण और जल संबंधी कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत ढांचे को सुदृढ़ कर सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखी जाएगी। ‘आवास दिवस’ के अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की प्रगति की समीक्षा की गई। जिन हितग्राहियों के आवास निर्माणाधीन हैं, उन्हें समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के लिए प्रेरित किया गया। आवास मित्रों और पंचायत सचिवों को निर्देश दिए गए कि वे निर्माण की गुणवत्ता और किस्तों के समय पर भुगतान में हितग्राहियों की पूरी मदद करें। प्रत्येक माह की 7 तारीख को आयोजित होने वाला यह दिवस अब जशपुर में सुशासन का प्रतीक बन चुका है। इस संयुक्त आयोजन में मनरेगा श्रमिक, आवास हितग्राही, सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक और जनपद स्तर के अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो रही है और उन्हें सीधे शासन की योजनाओं का लाभ मिल रहा है।


