बाजौर स्कूल ग्राउंड की जमीन आवंटन निरस्त करने का विरोध:ग्रामीण बोले- प्रशासन निर्णय युवाओं-खेलों के खिलाफ, जिला कलेक्टर को दिया ज्ञापन

सीकर‌ के बाजौर गांव में सरकारी स्कूल के खेल मैदान के लिए आवंटित जमीन को निरस्त का ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने ADM को जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन देकर खेल मैदान का आवंटन दोबारा बहाल करने की मांग की है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि एक तरफ खेल मैदान का आवंटन रद्द कर दिया गया। वहीं, हाईकोर्ट ने नेशनल हाईवे के लिए 75 मीटर रोड बाउंड्री के लिए रिजर्व रखने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में हाईवे किनारे बसे बाजौर गांव में सरकारी कार्यालयों के लिए जमीन का संकट खड़ा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर कहा कि 2023 में खेल मैदान के लिए जमीन‌ का आवंटन हुआ था। 2024 में उक्त जमीन पर कोई निर्माण नहीं हुआ और 2025 दिसंबर में जमीन आवंटन रद्द कर दिया गया। अब गांव में युवाओं और बच्चों के लिए खेल मैदान की समस्या हो गई है। प्रशासन ने खेल मैदान आवंटन निरस्त कर युवाओं व खिलाड़ियों के साथ गलत किया है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईकोर्ट के आदेशानुसार नेशनल हाईवे के केंद्र से 75 मीटर तक रोड बाउंड्री फिक्स होने के कारण बाजौर की सरकारी स्कूल, सहकारी समिति, डाकघर, सरकारी दुकानें, पंचायत भवन, आईटी सेंटर, दोनों‌ श्मशान भूमि, कहारों की ढाणी सरकारी स्कूल और बाजौर पीएचसी के नए भवन बनने प्रस्तावित हैं। ऐसे में इन सरकारी संस्थाओं के भवन बनाने के लिए सरकारी जमीन कम पड़ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सरकारी जमीन का अभाव है, वहीं, दूसरी ओर बच्चों के खेल मैदान जैसी सार्वजनिक उपयोग की भूमि का आवंटन निरस्त करना जनहित के खिलाफ है। ग्रामीणों ने खेल मैदान के लिए आवंटित भूमि का निरस्तीकरण आदेश रद्द करने की मांग की है। ज्ञापन देकर ग्रामीणों ने ग्राम सभा में पास होने‌ वाले प्रस्ताव के अनुसार जमीन आवंटन करने‌ की मांग की है।

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