भरतपुर में कलेक्ट्रेट से लेकर संभागीय आयुक्त कार्यालय तक राजीव गांधी युवा मित्रों ने रैली निकाली। युवाओं का कहना है कि सरकार ने राजीव गांधी का नाम होने के कारण सभी सेवाएं ख़त्म कर दी। अगर सरकार को राजीव गांधी के नाम से दिक्कत थी तो, वह योजना का नाम बदल सकते थे। बेरोजगार होने के कारण कई युवा मित्रों की सदमे में मौत हो गई है और 2 लोगों ने सुसाइड कर लिया है। राजीव गांधी का नाम होने कारण सेवाएं की बंद युवा संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष संजय मीणा ने बताया की पिछली सरकार में 5 हजार राजीव गांधी युवा मित्रों की भर्ती की गई थी। अब नई सरकार ने राजीव गांधी नाम जुड़ा होने के कारण सभी सेवाएं खत्म कर दी। अगर सरकार को नाम से दिक्कत थी तो, नाम बदल देते लेकिन, सरकार ने युवाओं से रोजगार छीनकर गलत किया है। सदमे से 6 युवा मित्रों की मौत रोजगार नहीं होने के कारण 6 युवा मित्र साथियों की मौत हो चुकी है 2 ने तो सुसाइड भी कर लिया है लेकिन, इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। इसलिए सीएम से निवेदन है कि आगामी अटल प्रेरक की सरकार भर्ती करने जा रही है। उसमें अनुभव के आधार पर युवा मित्रों को मौका दिया जाए नहीं तो, हमें न चाहते हुए भी आंदोलन किया जाएगा।


