राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत अपात्र व्यक्तियों को योजना से बाहर करने के लिए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा चलाया जा रहा गिव-अप अभियान 28 फरवरी 2026 तक जारी रहेगा। विभाग के अनुसार- निर्धारित तारीख तक स्वेच्छा से नाम अलग नहीं करवाने वाले अपात्र लाभार्थियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिला रसद अधिकारी एवं जिला उपभोक्ता संरक्षण अधिकारी आलोक झरवाल ने बताया- अभियान के तहत अब तक जिले के 12,705 परिवारों के कुल 57,172 सदस्यों ने अपने नाम खाद्य सुरक्षा योजना से हटवा लिए हैं। इसके बावजूद अभी भी कई अपात्र व्यक्ति योजना का लाभ ले रहे हैं, जिन पर विभाग की निगरानी बनी हुई है। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी 2026 के बाद विशेष अभियान चलाकर ऐसे अपात्र लाभार्थियों से प्राप्त खाद्यान्न की बाजार दर से वसूली की जाएगी। साथ ही आवश्यक वस्तु अधिनियम के सुसंगत प्रावधानों के तहत कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग द्वारा अब तक 980 अपात्र लाभार्थियों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं। राजस्थान खाद्य सुरक्षा नियम, 2023 की अनुसूची-1 के अनुसार आयकर दाता, सरकारी या अर्द्ध सरकारी कर्मचारी, एक लाख रुपए से अधिक वार्षिक पेंशन पाने वाले और चार पहिया वाहन स्वामी (ट्रेक्टर व एक कर्मिशियल वाहन को छोड़कर) परिवार योजना के लिए अपात्र माने जाते हैं। योजना से नाम हटवाने के लिए संबंधित व्यक्ति अपनी उचित मूल्य दुकान या जिला रसद अधिकारी कार्यालय में निर्धारित फार्म भरकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा विभागीय वेबसाइट rrcc.rajasthan.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध है। विभाग ने अपात्र लोगों से समय रहते नाम हटवाने की अपील की है।


