बेटा मलबे में दबा, मां के शरीर में कई फ्रैक्चर:पिता बोले- हादसे से आधे घंटे पहले हुई थी आखिरी बात,लैपटॉप रिपेयर कराने गए थे

कोटा में शनिवार रात हुए दिल दहला देने वाले बिल्डिंग हादसे ने एक होनहार युवा की जिंदगी छीन ली। कल रात (8 फरवरी) अनारन्य के पिता अभिजीत कर्माकर और बहन आद्रिका कोटा पहुंचे। सोमवार को जवाहर नगर थाने की पुलिस और लाडपुरा तहसील के पटवारी की मौजूदगी में सभी कागजी कार्रवाई पूरी की गई, जिसके बाद अनारन्य का पोस्टमॉर्टम हुआ। पुलिस ने परिवार की शिकायत भी दर्ज कर ली है। बतादें, पश्चिम बंगाल के 20 वर्षीय अनारन्य कर्माकर, जो यहां IIT की कोचिंग कर रहे थे, मलबे में दबकर जान गंवा बैठे। उनकी मां सुदीप्ता कर्माकर गंभीर रूप से घायल हैं और एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है। अनारन्य के पिता अभिजीत ने बताया कि शनिवार रात करीब साढ़े आठ बजे उन्होंने आखिरी बार पत्नी और बेटे से बात की थी। अनारन्य का लैपटॉप खराब था, जिसे दिखाने के लिए वह दुकान गया था। दुकानदार ने आधे घंटे बाद बुलाने को कहा, जिसके बाद मां-बेटा वापस लौट रहे थे। इसी दौरान वे जिस बिल्डिंग के पास से गुजर रहे थे, अचानक वह इमारत ढह गई। उन्होंने बताया कि रात 9 बजे से लगातार फोन करने पर भी कोई जवाब नहीं मिला। करीब सवा दस बजे अस्पताल से फोन आया, तब पता चला कि उनकी पत्नी घायल अवस्था में भर्ती है। कुछ देर बाद हॉस्टल से सूचना मिली कि अनारन्य की मलबे में दबने से मौत हो गई है। सूचना मिलते ही वे वेस्ट बंगाल से कोटा रवाना हुए और मुंबई में रह रही बेटी को भी बुलाया। परिजनों से मांगे इलाज के रुपए उन्होंने बताया कि कोटा आने पर यहां निजी अस्पताल में इलाज का बिल मांगा गया तो मैंने चेक दिया लेकिन उन लोगों ने चेक लेने से मना कर दिया और यूपीआई के द्वारा ट्रांसफर करने के लिए कहा। बहन आद्रिका ने बताया कि वह पिछले दो साल से कोटा में आईआईटी की तैयारी कर रहा था और पढ़ाई में काफी अच्छा था। माता-पिता समय-समय पर कोटा आकर उसे इमोशनल सपोर्ट करते थे। उन्होंने कहा कि इस हादसे ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। मां के शरीर में कई जगह फ्रैक्चर है और हालत गंभीर बनी हुई है। उन्होंने सरकार से मांग की कि जर्जर इमारतों और निर्माण की जांच हो, दोषियों को सख्त सजा मिले और परिवार को पूरा सहयोग दिया जाए। इस हादसे में कुल दो लोगों की मौत हुई थी। अनारन्य कर्माकर के अलावा केशवपुरा निवासी लक्ष्मण गुजराती की भी मलबे में दबकर जान चली गई थी, जिनका पोस्टमार्टम पहले ही हो चुका है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जवाहर नगर थाना के एएसआई जवाहरलाल ने बताया कि शनिवार रात बिल्डिंग हादसे में पश्चिम बंगाल के रहने वाले कोचिंग स्टूडेंट की मौत हो गई थी कल रात परिजन कोटा पहुंचे आज उनकी मौजूदगी में पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। — कोटा बिल्डिंग हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कोटा में जिस रेस्टोरेंट के कारण हादसा वो अवैध:अब जर्जर इमारतों का होगा सर्वे, आरोप-अधिकारियों की लापरवाही के कारण बिल्डिंग गिरी राजस्थान के कोटा में एक 3 मंजिला बिल्डिंग ढह गई। दावा किया जा रहा है जिस रेस्टोरेंट की बिल्डिंग के कारण हादसा हुआ वो अवैध है। इस रेस्टोरेंट को करीब दो महीने पहले ही नगर निगम ने बंद करा दिया था। फिर भी इसमें निर्माण काम हो रहा था। शनिवार रात को यहां के कंस्ट्रक्शन के कारण पड़ोस वाले दिल्ली रेस्टोरेंट की बिल्डिंग ढह गई। (पूरी खबर पढ़ें) कोटा में रेस्टोरेंट की बिल्डिंग गिरी, देखिए 10 PHOTOS:मलबे में दबे लोग चीख रहे थे- हमें बचा लो; युवक के दोनों पैर कटे कोटा के तलवंडी में शनिवार रात 9 बजे तीन मंजिला इमारत ढहने के बाद हर तरफ चीख-पुकार मच गई। मलबे में दबे एक युवक ने जिंदगी की आस में अपनों को फोन किया और बचाने की गुहार लगाई। खाना खा रहे कोचिंग स्टूडेंट समेत कई लोग मलबे में दब गए। इस हादसे में 20 साल के कोचिंग स्टूडेंट और 14 साल के बच्चे ने अपनी जान गंवा दी (पूरी खबर पढ़ें)

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