महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (एमडीएसयू) के हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों को लेकर छात्रों में भारी असंतोष है। विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्रों ने परिणामों में गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाते हुए पुनर्मूल्यांकन (री-चैकिंग/री-इवैल्यूएशन) पोर्टल को पुनः शुरू करने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि घोषित परिणामों में बड़े स्तर पर त्रुटियां सामने आई हैं। कई मेधावी और नियमित रूप से अच्छे अंक लाने वाले छात्रों को बिना किसी स्पष्ट कारण के ‘फेल’ या ‘बैक’ दर्शाया गया है। परिणामों में अंकों के वितरण और प्रतिशत को देखकर यह आशंका जताई जा रही है कि यह मानवीय या तकनीकी त्रुटि का परिणाम हो सकता है। छात्रों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब अपनी उत्तर पुस्तिकाओं की पुनः जांच के लिए आवेदन करने हेतु उपलब्ध रिचैकिंग पोर्टल को विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बंद कर दिया गया। छात्रों का आरोप है कि यह कदम उनके लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है, क्योंकि उन्हें अपने परिणामों की पारदर्शी जांच का अवसर नहीं दिया जा रहा। इस संबंध में छात्रों ने महामहिम के नाम ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने मांग की है कि विश्वविद्यालय प्रशासन को तुरंत रिचैकिंग और पुनर्मूल्यांकन के फॉर्म दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही, परीक्षा परिणामों की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। छात्रों ने यह भी मांग की है कि जब तक रिचैकिंग और पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती, तब तक अगली परीक्षाओं या प्रवेश प्रक्रियाओं पर निर्णय टाल दिया जाए, जिससे किसी भी छात्र का शैक्षणिक वर्ष खराब न हो। छात्रों ने स्पष्ट किया है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से न्याय की उम्मीद कर रहे हैं और उन्हें विश्वास है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान होगा।


