राजधानी में सामने आए संगठित गौ-तस्करी प्रकरण को लेकर हिंदू समाज में गहरा आक्रोश है। हिंदू उत्सव समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के नाम भोपाल पुलिस आयुक्त को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें मुख्य आरोपी असलम कुरैशी सहित पूरे नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई है।
ज्ञापन में कहा गया है कि असलम कुरैशी और उसके सहयोगियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत कार्रवाई की जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए, ताकि संगठित अपराध से जुड़े सभी सहयोगी, संरक्षक और लाभार्थी सामने आ सकें। सरकार और सिस्टम पर उठे सवाल
समिति ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि प्रदेश में लंबे समय से भाजपा की सरकार है और गौ-संरक्षण को लेकर लगातार दावे किए जाते रहे हैं। इसके बावजूद भोपाल में गौ-तस्करी और गोमांस से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी चिंता का विषय है। संगठन का कहना है कि जमीनी हकीकत और सरकारी दावों के बीच बड़ा अंतर नजर आ रहा है। हिंदू उत्सव समिति का दावा है कि उसकी सक्रियता और सतर्कता के चलते हाल ही में लगभग 26 टन गो-मांस जब्त किया गया। इस मामले में असलम कुरैशी को मुख्य आरोपी बताया गया है। समिति के अनुसार यह प्रकरण किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं, बल्कि एक अंतरराज्यीय संगठित नेटवर्क की ओर संकेत करता है। SIT पर भरोसा नहीं, कार्रवाई पर सवाल
राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को लेकर भी समिति ने असंतोष जताया। ज्ञापन में कहा गया कि SIT के गठन के बावजूद अब तक कोई ठोस रिपोर्ट या निर्णायक कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे आम जनता में प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। अवैध कटान जारी होने का आरोप
चंद्रशेखर तिवारी ने कहा कि स्लॉटर हाउस बंद होने के बावजूद अवैध कटान और गौ-तस्करी की घटनाएं जारी हैं। उनका कहना है कि सीबीआई जांच से पूरे मामले में शामिल अधिकारी, कर्मचारी और अन्य सहयोगी बेनकाब होंगे और सच्चाई सामने आएगी। समिति ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को स्पीड पोस्ट के जरिए भी भेजा जाएगा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि दोषियों पर त्वरित और कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सामाजिक संतुलन और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बन सकता है। गोमांस मामले में युवा संगठन ने प्रधानमंत्री को लिखा पत्र युवा संगठन के अध्यक्ष प्रकाश मालवीय ने प्रधानमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि 17 दिसंबर 2025 को भोपाल में 26 टन गोमांस से भरा कंटेनर पकड़ा गया था। पुलिस ने ट्रक को जब्त किया, लेकिन बिना जांच रिपोर्ट आए और बिना किसी कानूनी कार्रवाई के तीन दिन के भीतर ही वाहन छोड़ दिया गया। बाद में मथुरा की फोरेंसिक लैब से आई रिपोर्ट में मांस के गोवंश से संबंधित होने की पुष्टि हुई। पत्र में कहा गया है कि इस खुलासे के बाद प्रदेशभर के गो सेवकों और हिंदू संगठनों में भारी रोष है। भोपाल में लगातार धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम हो रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार और प्रशासन की ओर से अपेक्षित सख्ती नजर नहीं आ रही।


