प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अजय साह ने गुरुवार को हुई प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा विभाग की एकलव्य प्रशिक्षण योजना और मुख्यमंत्री शिक्षा प्रोत्साहन योजना की स्थिति पर सवाल किए। कहा, हेमंत सरकार ने वर्ष 2023 में इन दोनों योजनाओं की घोषणा की थी, जिनका उद्देश्य झारखंड के 35,000 छात्रों को लाभ पहुंचाना था।
इन योजनाओं के तहत छात्रों के लिए यूपीएससी, जेपीएससी, बैंक पीओ, मेडिकल, इंजीनियरिंग, एसएससी, होटल मैनेजमेंट, मास कम्युनिकेशन, रेलवे बोर्ड, आदि जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए मुफ्त कोचिंग की व्यवस्था की गई थी। इसके अलावा, छात्रों को हर महीने 2500 रुपए की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान भी था। अजय ने कहा कि इन दोनों योजनाओं के लिए लगभग 350 करोड़ रुपए का बजट डेढ़ साल पहले ही स्वीकृत किया गया था। लेकिन, हैरानी की बात है कि आज तक इस पर कोई काम नहीं हुआ। बिना किसी स्पष्ट कारण के इतनी महत्वपूर्ण योजना को रोककर झारखंड के हजारों छात्रों के भविष्य को अंधकार में क्यों धकेला गया? अजय ने आशंका जताते हुए पूछा कि यदि इन योजनाओं के लिए बजट स्वीकृत हो चुका था, तो क्या छात्रों के लिए निर्धारित फंड किसी अन्य योजना में डायवर्ट कर दिया गया? उन्होंने सरकार से यह भी स्पष्ट करने को कहा कि क्या यह योजनाएं पूरी तरह बंद कर दी गई हैं या आगामी बजट में इन्हें पुनः शुरू किया जाएगा। प्रेस वार्ता में मीडिया सह प्रभारी अशोक बड़ाईक भी थे। शिक्षा की योजनाएं राजनीतिक खींचतान से दूर रखी जाएं अजय साह ने राज्य सरकार से आग्रह किया कि शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को राजनीतिक खींचतान से दूर रखते हुए तुरंत लागू किया जाए। आमतौर पर छात्र अप्रैल में नए सत्र के साथ कोचिंग शुरू करते हैं। यदि सरकार ने मार्च तक इन योजनाओं को लागू नहीं किया, तो फिर ये योजनाएं केवल कागज़ों तक ही सीमित रह जाएंगी और धरातल पर कभी उतर नहीं पाएंगी। इससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा। यदि सरकार ने जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लिया, तो छात्रों का शैक्षिक भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।


