कांग्रेस ने आत्मानंद स्कूलों में पहुंचकर गिनाई खामियां:बच्चों को ड्रेस-किताबें नहीं, शिक्षकों की भारी कमी; स्कूलों को कमजोर करने की साजिश का आरोप

कांग्रेस ने राज्यभर के स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूलों में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार जानबूझकर इस महत्वाकांक्षी योजना को कमजोर कर रही है। पार्टी नेताओं ने स्कूलों का दौरा कर शिक्षकों, छात्रों और पालकों से संवाद किया और जमीनी हकीकत सामने रखी। कांग्रेस के अनुसार राजधानी रायपुर समेत कई स्कूलों में एक साल से बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। नया सत्र शुरू होने वाला है, लेकिन अब तक न ड्रेस पहुंची है और न ही जरूरी शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं। शिक्षकों की भारी कमी के कारण पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। एक स्कूल में 1200 से अधिक बच्चों पर पांच शिक्षकों और दो प्यून की कमी बताई गई। इसके बावजूद शिक्षकों की अन्य जगहों पर ड्यूटी लगा दी गई है। कांग्रेस का कहना है कि यह योजना पूर्ववर्ती सरकार के दौरान बेहतर तरीके से संचालित हो रही थी। तब स्कूलों का स्तर इतना बेहतर था कि निजी अंग्रेजी माध्यम स्कूलों से बच्चे निकालकर पालक आत्मानंद स्कूलों में दाखिला दिला रहे थे। प्रवेश प्रक्रिया पारदर्शी और मेरिट आधारित थी, लेकिन पिछले दो वर्षों में कथित तौर पर सिफारिश के आधार पर प्रवेश कराए जा रहे हैं, जिससे योग्य बच्चे वंचित हो रहे हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्कूलों को पर्याप्त फंड नहीं दिया जा रहा। अंग्रेजी माध्यम के योग्य विषय शिक्षक और प्राचार्य की नियुक्ति नहीं हो रही है। कुर्सी-टेबल, लैब सामग्री, ड्रेस जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। पहले डीएमएफ फंड से प्रति स्कूल सालाना 5–6 लाख रुपए मिलते थे, जो अब घटकर दो लाख से भी कम रह गए हैं। आर्थिक तंगी के चलते कई स्कूलों में बिजली बिल तक का भुगतान नहीं हो पा रहा। कांग्रेस का दावा है कि अव्यवस्थाओं और अनुशासनहीनता के कारण पालक बच्चों का भविष्य लेकर चिंतित हैं। हाल के समय में स्कूल परिसरों में गंभीर घटनाओं की खबरों ने भी चिंता बढ़ाई है। पार्टी का कहना है कि इन हालातों के चलते आत्मानंद स्कूलों की स्थापना की मूल भावना को खत्म करने का षड्यंत्र किया जा रहा है। कांग्रेस ने ऐलान किया है कि सोमवार को रायपुर में विभिन्न क्षेत्रों के स्वामी आत्मानंद स्कूलों में दोपहर 12:30 से 1:30 बजे के बीच पार्टी कार्यकर्ता, पालक और स्थानीय पदाधिकारी पहुंचकर हालात का जायजा लेंगे, शिक्षकों व छात्रों से संवाद करेंगे और आवश्यक संसाधनों की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराएंगे। क्या है स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल योजना
साल 2022 में शुरू हुई इस योजना का उद्देश्य गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण अंग्रेजी माध्यम शिक्षा उपलब्ध कराना है। राज्य में सरकारी अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलकर बेहतर शैक्षणिक वातावरण और सुविधाएं देने की परिकल्पना की गई थी।

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