भास्कर न्यूज | अमृतसर सरकारी टीबी अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। अस्पताल में 7 डॉक्टरों में से सिर्फ 4 डॉक्टरों ही मरीजों को देख रहे हैं, जबकि 3 डॉक्टरों के पद खाली पड़े हैं। अस्पताल में रोजाना 130 मरीजों की पर्चियां ओपीडी के लिए काटी जाती हैं। अस्पताल का सारा सिस्टम ऑनलाइन कंप्यूटराइज बेस्ड है। विभाग के पास पावर बैकअप नहीं हैं। पावर बैकअप सिस्टम न होने के कारण कई बार मरीजों के एक्स-रे और कई जरूरी टेस्ट भी नहीं हो पाते हैं। अस्पताल में छाती और टीबी के टेस्ट करने के लिए यहां 2 बड़ी मशीनें लगी हैं। एक मशीन पर बलगम की जांच और दूसरी पर सीसी नैट टेस्ट यहां फ्री होते हैं। उक्त टेस्ट बाहर से कराने पर मरीजों को 2 से 5 हजार रुपए खर्च करने पड़ते हैं। पावर बैकअप न होने पर कई बार टेस्टों की परेशानी आती हैं। डीएमएस डॉ. गुनीत ने कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों की कमी है। उनके पास कुल सात डॉक्टरों की सीटें हैं, लेकिन चार डॉक्टरों की मदद से उन्हें रोजाना 130 मरीजों को देखना पड़ता है। जिसके कारण डॉक्टर और मरीज दोनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में बिजली बैकअप की सुविधा नहीं है, इसलिए बिजली चले जाने पर परेशानी होती है। उपरोक्त समस्या को उच्च अधिकारियों के ध्यान में लाया गया है। इसका समाधान किया जाना आवश्यक है। अस्पताल में वर्तमान में नवीनीकरण कार्य चल रहा है।


