शुभेंदु शुक्ला | अमृतसर शहर को मेयर मिले 17 दिन बीत चुके हैं, मगर विकास को लेकर न हाउस मीटिंग अभी तक बुलाई गई है और न ही सरकार से किसी तरह की ग्रांट लाने के प्रयास किए गए हैं। 85 वार्डों के पार्षद हाउस की मीटिंग के इंतजार में है ताकि वह अपने वार्डों में विकास करवा सकेंगे। हालांकि विरोधी पार्टी के पार्षदों का कहना है कि लोग विकास चाहते हैं, मगर मेयर बहुमत न होने के कारण हाउस की बैठक नहीं बुला रहे , अगर मीटिंग बुलाएंगे तो पद से जाएंगे। इसीलिए विकास को साइडलाइन करके मीिटंग नहीं बुलाई जा रही। गौरतलब है कि आप सरकार का कार्यकाल पूरा होने में करीब 2 साल का समय बचा है। सबसे पहले पार्षदों से विकास कार्यों के लिए एजेंडा तैयार करने के लिए कॉल करना होगा। जिसमें करीब 10 दिन का समय लगेगा। एजेंडे मंजूर होने के बाद टेंडर प्रक्रिया में 5 से 6 माह लगेंगे। इसके बाद सरकार के पास डेढ़ साल ही बचेगा। ऐसे में अगर हाउस की बैठक बुलाने में और देरी की गई तो पार्टी के लिए मुश्किल खड़ी हो सकती है। ^वार्ड विकास के लिए तरस रहे है मगर मेयर 17 दिन के बाद भी मीटिंग नहीं बुला पाए। शहर के विकास को लेकर एजेंडे लेना चाहिए। मेयर का खुद का कोई एजेंडा नहीं है तो ये पार्षदों से कैसे लेंगे। -अश्विनी कालेशाह, वार्ड 48 से कांग्रेस पार्षद ^मेयर जब बुलाएंगे तो जाएंगे, पहले हाउस में बहुमत तो साबित करें। मेयर-निगम कमिश्नर की जिम्मेदारी बनती है हाउस की मीटिंग बुलाएं। वार्डों में त्राहि-त्राहि मची हुई है। लेकिन मेयर अपने स्वार्थ में लगे हुए हैं। जो हालात चल रहे इनके अपने पार्षद ही सपोर्ट करते नहीं दिख रहे हैं। -संजीव टांगरी, वार्ड 64 से कांग्रेस पार्षद पति ^वार्डों में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है मगर मेयर को लोगों की फिक्र नहीं है। इनको पता है कि हाउस में बहुमत नहीं रहेगा तो एजेंडा पास कैसे होगा। मगर वार्डों से लेकर शहर के विकास को लेकर जो बेहतर होगा वह करेंगे। -सतीश बल्लू, वार्ड 77 से कांग्रेस पार्षद पति ^मेयर हाउस की मीटिंग बुलाएंगे तो पूरी तैयारी के साथ जाएंगे। उनके वार्ड में 35 साल से सीवरेज की समस्या बनी हुई है। तंग गलियों में सीवरेज से कचरा निकालने के लिए छोटी मशीनों की मांग करेंगे और एजेंडे में भी डालेंगे। -विक्की दत्ता, वार्ड 56 से आप पार्षद सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर न तो निगम में बैठ रहे और न ही फील्ड में नजर आ रहे। फिर भी आप नेताओं का दावा है कि सबकुछ ठीक चल रहा है। जब अपने ही साथ नहीं दे रहे तो मेयर विरोधी दलों को कैसे एकजुट कर पाएंगे। निगम चुनाव के बाद लोगों में आस जगी थी कि वार्डों में जो भी मुश्किलें बरसों से चली आ रही है वह अब खत्म हो जाएंगी। मगर अब आस भी टूटती जा रही है। पार्षदों से जब हाउस की मीटिंग बारे बात की तो डवलपमेंट को लेकर सभी एकमत दिखे। वहीं निगम हाउस का गठन होने के बाद विकास कार्यों को लेकर सबसे अहम रोल अदा करने वाली फाइनांस एंड कांट्रेक्ट कमेटी का गठन तक नहीं किया जा सका है। बता दें कि इस कमेटी में मेयर के अलावा सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर, 2 पार्षद और निगम कमिश्नर शामिल होते हैं। बिना इनकी मंजूरी के कोई भी नया प्रोजेक्ट या टेंडर पास नहीं हो सकता। सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर का रुख सामने न आने के कारण कमेटी का गठन नहीं हो पाया है। मेयर को हाउस की मीटिंग बुलानी चाहिए। स्वार्थ छोड़कर शहर के विकास पर काम करना चाहिए। लेकिन इनके अपने ही सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर का पता नहीं है। विकास के मुद्दे पर कोई विरोध नहीं है। -ताहिर शाह, वार्ड 53 के कांग्रेस पार्षद पति पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर रमन बख्शी का कहना है कि मेयर को चाहिए कि अपना राजधर्म निभाएं। शहर के डवलपमेंट को लेकर लोगों की जो भी मांग है, उसे पूरा करना चाहिए। राजनीति से ऊपर उठकर काम करना होगा। सभी पार्षदों को बुलाएं और एजेंडा लेकर जल्द से जल्द उस पर काम शुरू कर देना चाहिए। डवलपमेंट के मुद्दे पर पार्षद कभी पीछे नहीं हटेंगे। पहले भी ऐसा कभी नहीं हुआ कि विकास कार्य के मुद्दे पर पार्षदों का समर्थन न दिया हो। साथ ही मेयर-सीनियर डिप्टी मेयर-डिप्टी मेयर को चाहिए कि समय फिक्स कर रुटीन में दफ्तर बैठकर लोगों की शिकायतें ले व समाधान कराएं। ^बहुमत नहीं है तो मेयर मीटिंग कैसे बुलाएंगे। यदि कॉल आई तो जरूर जाएंगे। शहर-वार्ड के डवलपमेंट को लेकर बिल्कुल जाएंगे। किसी भी पार्टी का पार्षद हो जरूर जाएगा। विकास के लिए जल्द हाउस की मीटिंग होनी चाहिए। – -अवतार सिंह ट्रकांवाला, वार्ड 30 से अकाली पार्षद हाउस की मीटिंग बुलाएंगे तो जरूर जाएंगे। मेरे वार्ड में काम नहीं कराया तो धरना भी देंगे। हमे ं अपने वार्ड में कौन सा काम करवाना है, वह हम मीटिंग में बताएंगे। विकास कराने के लिए ही पार्षद बने हैं। – गौरव गिल, वार्ड 60 से भाजपा पार्षद ^शहर के विकास को लेकर सभी पार्षदों को साथ लेकर चलेंगे। निगम कमिश्नर को बोलेंगे कि एजेंडा पार्षदों से लिया जाए। जल्द ही हाउस की मीटिंग बुलाई जाएगी। सारा कुछ इसी माह के अंदर हो जाएगा। पार्षद किसी भी पार्टी के हों विकास कार्य को लेकर सब एकजुट हैं। किसी भी पार्षद को कोई समस्या हो तो उनसे सीधा मुलाकात कर सकते हैं। जिसके पास जो काम है, वह अपना एजेंडा लेकर आए। सभी की सहमति से उसे पास किया जाएगा।’ जतिंदर सिंह मोती भाटिया, मेयर


