फिल्लौर के पास गुरुद्वारा साहिब में लगी आग:शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभवाना,गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप हुए अग्नि की भेंट

फिल्लौर के पास श्री गुरु रविदास महाराज जी के गुरुद्वारा साहिब में रविवार रात भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। श्री गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाशोत्सव के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के समापन के बाद, यह हादसा कथित तौर पर बिजली के शॉर्ट सर्किट की वजह से हुआ। इस घटना में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूपों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे पूरी संगत और सिख संगठनों में शोक की लहर है। जानकारी के अनुसार, गांव में दो दिन पहले प्रकाशोत्सव को समर्पित नगर कीर्तन निकाला गया था। रविवार को गुरुद्वारा साहिब में कार्यक्रम के बाद रात करीब 10 बजे सेवादारों ने हॉल बंद कर दिया था। कुछ ही देर बाद पास रहने वाले लोगों ने हॉल से धुआं निकलते देखा। जब तक गुरुद्वारा कमेटी और श्रद्धालु मौके पर पहुंचे, आग विकराल रूप ले चुकी थी। भारी मशक्कत के बाद पाया काबू श्रद्धालुओं और गांव वासियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूप अग्नि की भेंट चढ़ चुके थे। इस दृश्य को देखकर संगत की आंखें नम हो गईं। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी फिल्लौर भरत मसीह और गोराया पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। सिख संगठनों ने जताई चिंता घटना की सूचना मिलते ही एसजीपीसी (SGPC) की टीमें, सत्कार कमेटी और विभिन्न सिख जत्थेबंदियों के नेता मौके पर पहुंचे। इनमें जत्थेदार सतीश सिंह खालसा, बाबा राजा राज सिंह और रविंदर सिंह खालिस्तानी सहित अन्य नेता शामिल थे। सिख नेताओं ने गुरुद्वारा साहिब के प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि 2013 के नियमों के बावजूद यहाँ न तो स्थायी सेवादार था और न ही सीसीटीवी कैमरे काम कर रहे थे। शॉर्ट सर्किट को माना जा रहा कारण गांव वासियों और पुलिस की शुरुआती जांच में इस घटना का मुख्य कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। गांव वालों का कहना है कि संगत पूरी श्रद्धा से गुरुपर्व मना रही थी और यह एक दुर्घटना है। डीएसपी भरत मसीह ने भी पुष्टि की है कि शुरुआती साक्ष्यों के आधार पर मामला शॉर्ट सर्किट का ही लग रहा है, फिर भी गहराई से जांच की जा रही है। श्री अकाल तख्त साहिब जाएंगे गांव वासी धार्मिक मर्यादा के अनुसार, श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों को आदरपूर्वक वहां से ले जाया गया है। गांव की संगत ने नम आंखों से महाराज को विदा किया। गुरुद्वारा कमेटी ने कहा कि वे इस घटना के संबंध में श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी लगाएंगे और मर्यादा के अनुसार अपनी गलतियों की क्षमा याचना कर कमियों को दूर करने का संकल्प लेंगे।

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