भिलाई स्थित छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय (CSVTU) में पीएचडी शोधार्थियों से निर्धारित शुल्क के नाम पर धोखाधड़ी और जालसाजी करने के मामले में पुलिस ने विवि के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर थाना नेवई पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन को पीएचडी पंजीकृत शोधार्थियों से फीस वसूली में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हुई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर गठित दो सदस्यीय जांच समिति ने प्रारंभिक जांच की। जांच में कुल 9,44,500 की राशि के गबन का खुलासा हुआ। इसके बाद विवि प्रबंधन ने नेवई थाना में शिकायत की थी, जिसके आधार पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की है। जांच रिपोर्ट में सामने आया था मामला
जांच रिपोर्ट में सामने आया कि विश्वविद्यालय की पीएचडी शाखा में कार्यरत कनिष्ठ सलाहकार सुनील कुमार प्रसाद ने शोधार्थियों से नकद राशि लेकर उन्हें फर्जी फीस रसीदें जारी कीं। शोधार्थियों को यह विश्वास दिलाया गया कि फीस विश्वविद्यालय के खाते में जमा हो गई है, जबकि आरोपी ने रकम का गबन कर लिया। पुलिस जांच के दौरान आरोपी के खिलाफ अपराध प्रमाणित पाए जाने पर उसका मेमोरण्डम कथन लिया गया और जप्ती की कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपी को 9 फरवरी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल दाखिल कर दिया गया। आगे जांच जारी, अन्य अफसरों की भी संलिप्ता की हो रही जांच
गिरफ्तार आरोपी सुनील कुमार प्रसाद (38 वर्ष) निवासी एचएससीएल कॉलोनी, रूआबांधा है। पुलिस ने आरोपी के पास से फर्जी शुल्क रसीदें और संबंधित दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में आगे भी वैधानिक विवेचना जारी है। पुलिस अब इस मामले में संलिप्त अन्य अफसरों की भूमिका की जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने बयान में तत्कालीन अफसरों के नाम लिए थे। पुलिस हर पहुल पर जांच कर रही है।


