डिंडोरी में सोमवार को भाजपा कार्यालय में मध्य प्रदेश के राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल ने केंद्रीय बजट 2026-27 पर पत्रकारों से चर्चा की। उन्होंने बजट को गरीब, किसान, युवा, महिला, मध्यम वर्ग और उद्यमियों के सशक्तिकरण वाला बताया। राज्यमंत्री ने कहा कि यह इस शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश किया है, जो भारत के इतिहास में एक गौरवपूर्ण क्षण है। जायसवाल के अनुसार, यह बजट युवाओं के सपनों को उड़ान देगा, किसानों के विश्वास को मजबूत करेगा और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निर्णायक साबित होगा। यह मध्यम एवं गरीब वर्ग को सशक्त करने की सोच को आगे बढ़ाता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ के सिद्धांत पर काम कर रही है। स्वास्थ्य खर्च कम करने के लिए दवाओं पर शुल्क में कटौती की गई है। बायो फॉर्म और आयुष केंद्रों के लिए दस हजार करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है। मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए विदेश यात्रा और बच्चों की पढ़ाई अब सस्ती होगी, क्योंकि टीसीएस (TCS) को 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है। राज्यमंत्री ने मनरेगा (MNREGA) पर भी बात की। उन्होंने कहा कि 1830 से अंग्रेजों के जमाने से ऐसी योजनाएं सूखा और अकाल के समय से संचालित होती रही हैं और समय-समय पर इनके नाम बदले गए हैं। मनरेगा पहले रोजगार गारंटी योजना थी। उन्होंने बताया कि महात्मा गांधी के सपनों को साकार करते हुए ‘विकसित भारत’ की परिकल्पना के तहत योजना में बहुत सुधार किया गया है। पहले इस योजना में देश का अरबों रुपया भ्रष्टाचार के कारण मिट्टी और पानी में बह जाता था, और मशीनों से काम कराया जाता था। अब ग्राम पंचायतें और ग्राम सभाएं प्रस्ताव पास करके निर्माण कार्य कर सकती हैं। रोजगार के दिन भी 25 दिन बढ़ाए गए हैं। जब मंत्री से मऊगंज के भाजपा विधायक प्रदीप पटेल के 30 दिनों से गायब होने और उनके परिवार के सदस्यों के घर में कैद होने के सवाल पर पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें सुरक्षित परिवार के सामने लाएगी।


