बाड़मेर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में सोमवार को नगर परिषद बाड़मेर में विधिक जागरूकता शिविर लगाया गया। इसमें 12 विभागों को बुलाया कि लेकिन 3-4 विााग के अधिकारी ही मौजूद रहे। बाकी विभागों के प्रतिनिधि भी अनुपस्थित रहे। इस पर सीजेएम कृष्णा गुप्ता नाराज हो गई। इन विभागों के अधिकारी के खिलाफ एक्शन लेने की बात कही है। अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से मंगलवार को कोर्ट में आने के आदेश जारी किए है। दरअसल, जिला सेशन न्यायायाल के निर्देश पर बाड़मेर नगर परिषद में विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शिविर लगाया गया। जिसमें आम लोगों से जुड़ी समस्याओं को सुना जाना था। लोग समस्या लेकर आए लेकिन 12 विभागों के अधिकारियों और प्रतिनिधियों को बुलाया गया। लेकिन उसमें से चार विभाग के अधिकारी पहुंचे। सीजेएम कृष्णा गुप्ता ने कहा कि सुबह से कैंप चल रहा है। मैं नहीं हू तो इसका मतलब अधिकारी नहीं आएंगे। जो आज अधिकारी आए नहीं है। उनको कोर्ट में बुला दो। कल मंगलवार को साढ़े दस बजे का टाइम दे दो। यहां क्यूं नहीं है। क्या कारण है। मात्र तीन-चार विभाग के अधिकारी है। सीजेएम ने मीडिया बातचीत में कहा- हमारे जिला एवं सेशन न्यायाधीश के निर्देशानुसार अजिताभ आचार्य के आदेश अनुसार एक कैंप का आयोजन किया था। इसका मुख्य उद्देश्य हमारे स्थानीय लोक अदालत का गठन किया जा रहा है। क्यूं कि कोर्ट के हिसाब से नया जिला बाड़मेर बना है। लोक अदालत से संबंधित जो समस्याए है। उनको लेकर कैंप का आयोजन किया गया है। बिजली, पानी, सड़क, परिवहन समेत जो हमारी समस्याएं है। उनको हमारे को बता सकता है। 12 विभागों को बुलाया जिसमें चार विभाग ही आए है। सब अधिकारियों को बताया गया था इसके बावजूद अनदेखी की है।


