रतलाम शहर में वाहन चोरी, तस्करी और चेन स्नेचिंग समेत अन्य घटनाओं की रोकथाम को लेकर सोमवार से पुलिस ने बिना नंबर वाहनों की जांच का अभियान चलाया। शहर के अलग-अलग चौराहों पर बिना नंबर प्लेट वाहनों को रोका। आरसी कार्ड समेत वैध दस्तावेज जांचे। जिन्होंने नंबर प्लेट नहीं लगा रखी थी उनकी नंबर प्लेट लगवाकर चालान भी काटा। पुलिसकर्मियों के वाहन को नहीं रोका
इस कार्रवाई में पुलिस ने अपने विभाग के पुलिसकर्मियों की बिना नंबर प्लेट वाहनों व शासकीय वाहनों को नहीं रोका। जबकि कार्रवाई सबके लिए थी। यहां तक आए दिन पुलिस बिना सीट बेल्ट के भी कार्रवाई करती है। लेकिन कई पुलिसकर्मी बिना सीट बेल्ट के जांच के दौरान अपने वाहन लेकर निकले। लेकिन उन्हें नहीं रोका। शहर के अलग-अलग चौराहों पर संबंधित थाना क्षेत्रों ने चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहन चालक बहाने भी बनाते रहे। लेकिन पुलिस अधिकारियों व जांच टीम ने किसी की नहीं सुनी। नए वाहनों पर किमी व वैध दस्तावेज देख शोरूम से नंबर प्लेट नहीं आने पर छोड़ दिया। कई चार पहिया व दो पहिया वाहन ऐसे भी थी जो कि 7 हजार किमी तक चले है। लेकिन नंबर प्लेट नहीं लगी थी। मौके पर नंबर प्लेट बनवाकर लगवाई गई। साथ ही 500 रुपए का चालान भी काटा। पुलिस अधिकारी और मप्र शासन की गाड़ी को नहीं रोका जांच के दौरान छत्रीपुल चौराहे से हाट की चौकी प्रभारी पंकज राजपूत अपने चार पहिया वाहन से निकले। वाहन के आगे नंबर प्लेट नहीं थी। जबकि पीछे लगी हई थी। जांच टीम ने उन्हें नहीं रोका। इसी तरह फव्वारा चौक पर ट्रैफिक डीएसपी आनंद सोनी व टीम वाहनों को रोक कर जांच कर रही थी। जांच के दौरान एक मप्र शासन लिखी चार पहिया वाहन पर भी नंबर प्लेट नहीं थी। जिसे नहीं रोका। इसको लेकर लोगों को कहना था कि केवल आम जनता को ही रोक कर कार्रवाई की जा रही है। लोडिंग वाहन रुकवाकर गाड़िया रखवाई जब्त दो पहिया वाहनों को ट्रैफिक थाने पहुंचाने के लिए भी पुलिस अपनी कोई व्यवस्था नहीं कर पाई। ट्रैफिक डीएसपी सोनी ने फव्वारा चौक पर जांच के रास्ते से गुजर रहे खाली लोडिंग वाहनों को रुकवाया और उसमें वाहन रखवाकर थाने भिजवाया। लोडिंग चालकों की भी स्थिति यह थी कि पुलिस के आगे अब क्या बोले। दिनभर की कार्रवाई के बाद शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक फिर से शहर के अलग-अलग स्थानों पर 13 प्वाइंट पर पुलिस ने चेकिंग अभियान शुरू कर दिया है।


