मध्यप्रदेश में पांच माह में 35186 बेरोजगार बढ़ गए हैं। इसका खुलासा सरकार के जारी किए गए आंकड़ों में हुआ है। इसके पहले मई 2024 में सरकार ने विधानसभा में बेरोजगारों की संख्या 25 लाख 82 हजार 759 बताई थी। तब प्रदेश में 7.58 लाख बेरोजगार घटे थे। अब विधानसभा के शीत कालीन सत्र में सोमवार को बेरोजगारों की नई संख्या 26.17 लाख बताई गई है। जिसमें 35186 बेरोजगार बढ़ गए हैं। दरअसल, विधायक बाला बच्चन ने सवाल किया था कि 20 नवंबर 2024 की स्थिति में एमपी में रजिस्टर्ड बेरोजगारों की संख्या और एक साल की अवधि में सरकारी और निजी क्षेत्र में चयन की जानकारी दी जाए। इसकी कौशल विकास और रोजगार राज्य मंत्री गौतम टेटवाल ने लिखित जानकारी में बताया है कि 20 नवंबर 2024 की स्थिति में बेरोजगार युवाओं के पंजीयन की संख्या 26 लाख 17 हजार 945 है। एक साल में 58351 युवाओं का चयन सरकारी और निजी क्षेत्र में हुआ है। मैहर, पांढुर्णा, मऊगंज में भी बढ़े बेरोजगार प्रदेश में बेरोजगारों की संख्या को लेकर जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार पांढुर्णा में सबसे कम 409 और भोपाल में सबसे अधिक 1 लाख 69 हजार 440 युवाओं के पंजीयन रोजगार के लिए हुए हैं। मऊगंज में 869, पांढुर्णा में 409 और मैहर में 841 युवाओं का पंजीयन बेरोजगार के रूप में है। इसके पहले वर्ष 2023 में विधानसभा चुनाव से पहले अस्तित्व में पांढुर्णा जिले में सबसे कम 9 बेरोजगार रजिस्टर्ड थे। साथ ही मैहर में 25 और मऊगंज में 144 युवा बेरोजगार रजिस्टर्ड रहे हैं। इन जिलों में हैं 80 हजार से अधिक बेरोजगारों का पंजीयन जुलाई के बजट सत्र में 2023 के मुकाबले 7.58 लाख बेरोजगार घटना बताए थे जुलाई में विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन कौशल विकास राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में जानकारी दी थी। उसमें 2023 के मुकाबले 7.58 लाख बेरोजगार कम होना बताए थे। कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में कौशल विकास और रोजगार विभाग से संबंधित जानकारी में सरकार ने कहा था कि 31 मई 2024 की स्थिति में रोजगार कार्यालय में दर्ज बेरोजगारों की संख्या 25 लाख 82 हजार 759 है। इसके पहले विधानसभा में 2023 में दी गई जानकारी में कहा था कि प्रदेश में पिछले साल 35 लाख 73 हजार बेरोजगार हैं। यह खबर भी पढ़ें- सवा लाख इंजीनियर, 16 हजार MBA, 7 हजार डॉक्टर बेरोजगार मध्यप्रदेश में करीब सवा लाख इंजीनियर और 16 हजार एमबीए क्वालिफाइ़ड युवा बेरोजगार हैं। सात हजार डॉक्टरों के पास भी कमाई का जरिया नहीं है। ग्रेजुएट्स और पोस्ट ग्रेजुएट्स को जोड़ लें तो ये संख्या 11 लाख 70 हजार के पार पहुंच जाती है। बड़ी बात ये है कि ये आंकड़े सरकारी हैं। असल में बेरोजगारों की तादाद इससे कहीं ज्यादा हो सकती है। यह खबर भी पढ़ें…


