मुरैना के दिमनी थाना क्षेत्र स्थित महादेवपुरा की नहर में 14 दिसंबर को एक 21 वर्ष की युवक का शव मिला था। शव की आंखों पर पट्टी बंधी थी और दोनों पैर लाल रंग के कपड़े से बंधे थे। शव की पहचान अभिषेक पिता पदम सिंह लोधी, निवासी परदूपुरा गांव के रूप में हुई है। शव मिलने के 2 घंटे बाद उसके पिता ने पुलिस को बताया कि उसके बेटे का अपहरण कर लिया गया था और फिर फिरौती में 20 लाख रुपए मांगे गए थे। इसके बाद पुलिस ने दो दिन तक मामले की गहराई से पड़ताल की। इसके बाद सोमवार को पुलिस को पता चला कि मामला प्रेम संबंध का है। जिन लोगों ने युवक की हत्या की, उन्होंने पुलिस को गुमराह करने के लिए उसी के फोन से उसके पिता से व्हाट्सएप पर 20 लाख रुपए की मांग का मैसेज भेजा था। बता दें कि, युवक अभिषेक लोधी ग्वालियर के गोला का मंदिर क्षेत्र में किराए से एक कमरा लेकर PGDCA की पढ़ाई कर रहा था। 12 दिसंबर को वह लापता हो गया था, जिसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट उसके परिजनों ने 14 दिसंबर 2024 को गोला का मंदिर थाने में दर्ज कराई थी। जानकारी के अनुसार रिपोर्ट 14 दिसंबर को दोपहर 2 बजे दर्ज कराई गई थी, जबकि उसका शव मुरैना के दिमनी क्षेत्र के महादेव का पूरा गांव की नहर में सुबह 10 बजे ही मिल गया था। पुलिस ने जब उसके परिजनों को खबर की तो उसके पिता दोपहर बाद दिमनी थाने पहुंचे और शिनाख्त की। पिता ने पुलिस को दिखाए मैसेज दिमनी थाने पहुंचकर अभिषेक के पिता पदम सिंह लोधी ने पुलिस को अपना मोबाइल दिखाते हुए बताया कि उसके मोबाइल में उसके बेटे के मोबाइल से 20 लाख रुपए की फिरौती अपहरणकर्ता ने मांगी है। इसके बाद पुलिस ने जब गहराई से पड़ताल की तो मामला कुछ अलग ही निकला। दोपहर में ही बंद हो गया था मोबाइल इसके बाद जब पुलिस ने अभिषेक के मोबाइल पर फोन लगाया तो बंद मिला। पुलिस ने अब इस मामले में उसके मोबाइल नंबर की CDR निकाली है। इससे स्पष्ट है कि फिरौती मांगने की चाल अपहरणकर्ताओं ने पुलिस को गुमराह करने के लिए चली थी। जानकारी के मुताबिक, अभिषेक के पिता पदम सिंह लोधी के पास कुल 10 बीघा कृषि भूमि है। अभिषेक उनका इकलौता बेटा था और अविवाहित था। अभिषेक को पढ़ाने के लिए उसे ग्वालियर भेजा था। ग्वालियर में वह किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई किया करता था। घर में अभिषेक से छोटी एक बहन भी है। पुलिस की तीन टीमों ने किया खुलासा सोमवार को मुरैना पुलिस की तीन टीमें रवाना हुई थी। एक टीम नहर के किनारे बसे श्रीमति गांव में गई थी, जहां बगल में बह रही महादेवपुरा नहर में उसकी लाश मिली थी। टीम ने गांव में जाकर मामले की पड़ताल की तो मामला अनुमान से अलग ही निकला। दूसरी टीम ग्वालियर भेजी गई थी, जहां उसने गोला का मंदिर थाना पुलिस की मदद से उसके उस मकान में पहुंची, जहां पर वह किराए पर कमरा लेकर रह रहा था। तीसरी टीम स्टेशन पहुंची थी, जहां से CCTV फुटेज खंगाले गए। मामले में सीएसपी विजय सिंह भदौरिया ने बताया यह मामला फिरौती का नहीं बल्कि प्रेम प्रसंग का है। इसका पता लगा लिया गया है। हम जल्द ही इसका खुलासा कर देंगे।


