जबलपुर के शासकीय साइंस कॉलेज में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कहा कि वर्ष 1989-90 से कार्यरत 27 दैनिक वेतन भोगियों को 1 सितंबर 2016 से स्थायी कर्मी का वेतन भुगतान करना चाहिए। सरकार ने आदेश भी जारी कर दिया है लेकिन कॉलेज प्रबंधन इसका पालन नहीं कर रहा है। 2016 से करना है वेतन का भुगतान कर्मचारी संघ के अध्यक्ष शारदा विश्वकर्मा ने बताया कि सरकार ने आदेश दिया है कि महाविद्यालय की जनभागीदारी समिति एवं अन्य निधियों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मचारी के रूप में 2016 से भुगतान करना है। जबलपुर के सभी कॉलेजों ने भुगतान कर दिए हैं। परंतु, गवर्नमेंट मॉडल साइंस कॉलेज के प्राचार्य द्वारा भुगतान ही नहीं किया जा रहा है। ना ही आदेश निकाले जा रहे हैं। इस पर याचिका भी लगी थी, और न्यायालय ने भी आदेश दिया है कि 1 सितंबर 2016 से 12% ब्याज के साथ भुगतान करना है। बावजूद इसके प्राचार्य कोर्ट का भी आदेश नहीं मान रहे हैं। कॉलेज प्राचार्य एएल महोबिया ने कहा- इस बारे में शासन को अवगत कराया जा चुका है। शासन का जवाब है कि महाविद्यालय स्तर पर निराकरण करो परंतु महाविद्यालय में इतना फंड भी नहीं है। कॉलेज अपने स्तर से यह नहीं कर सकता है जब तक शासन इसमें सहभागिता नहीं होगी।


