छत्तीसगढ़ के बीजापुर में मारे गए 31 नक्सलियों में से 28 की पहचान हो गई है। इनपर कुल 1 करोड़ 18 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इन 28 नक्सलियों में से एक पर 8 लाख रुपए तो वहीं 16 नक्सलियों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम था। जबकि 11 नक्सली 2 लाख रुपए के इनामी थे। अन्य 3 नक्सलियों की पहचान की जा रही है। पुलिस के मुताबिक, इस मुठभेड़ में नक्सलियों के वेस्ट बस्तर डिविजन कमेटी का नक्सली हूंगा कर्मा उर्फ सोनकू भी मारा गया है। ये DVCM कैडर का था। इसपर 8 लाख रुपए का इनाम था। साल 2006 में मुर्किनार कैंप अटैक, साल 2007 में रानीबोदली कैंप अटैक, साल 2013 में नुकनपाल एंबुश और साल 2025 में अंबेली में IED ब्लास्ट की घटना में शामिल था। ये नक्सलियों के टॉप लीडर्स में से एक था। बस्तर के IG सुंदरराज पी ने कहा कि, हूंगा साल 1996 से नक्सल संगठन से जुड़कर काम कर रहा था। बीजापुर जिले में हत्या, लूट, अपहरण, पुलिस पर हमला करने जैसे कई मामलों 8 अपराध दर्ज हैं। IG का कहना है कि 31 नक्सलियों का एनकाउंटर हुआ है, ये पुलिस के लिए बड़ी कामयाबी है। इनकी हुई पहचान नक्सलियों का है कोर इलाका दरअसल, मद्देड़ और फरसेगढ़ के बॉर्डर इलाके में जिस जगह पर मुठभेड़ हुई है वो इलाका नक्सलियों का कोर जोन है। ऐसे में जब पुलिस को सूचना मिली थी कि यहां बड़े लीडर्स का जमावड़ा है तो यहां पहुंचने के लिए 2-3 दिन से पुलिस की प्लानिंग चल रही थी। जिसके तहत DRG, STF और बस्तर फाइटर्स के कमांडोज को ऑपरेशन पर निकाला गया था। यह ऑपरेशन 24 घंटे से भी कम का था। लेकिन सटीक जानकारी और नक्सलियों को घेरने की तगड़ी प्लानिंग के तहत ऑपरेशन लॉन्च किया गया और 31 नक्सलियों को मार गिराया गया। यह अब तक का बीजापुर जिले का सबसे बड़ा ऑपरेशन है। अब जानिए कैसे हुआ एनकाउंटर ये जवान हुए शहीद ये जवान हुए घायल


