खरगोन के आभापुरी में 10वीं की छात्रा रक्षा कटझरे की संदेहास्पद मौत के 14 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई न होने से समाज में रोष व्याप्त है। परिजनों ने चोट के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई है। छात्रा गणतंत्र दिवस के दिन स्कूल गई थी और चार दिन बाद 30 जनवरी को उसका शव एक कुएं से बरामद हुआ था। परिजनों ने चैनपुर पुलिस से मामले में तत्काल कार्रवाई की मांग की थी। सोमवार रात 7 बजे आदिवासी विकास परिषद के छात्र विभाग ने जिला मुख्यालय स्थित टंट्या मामा तिराहा पर कैंडल रैली निकाली। इस दौरान “आदिवासी बेटी को न्याय दो, रक्षा की हत्या के आरोपी को फांसी दो” जैसे नारे लगाए गए। दिवंगत छात्रा को दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई और आरोपियों को जल्द सजा देने की मांग उठाई गई। कैंडल रैली से पहले आदिवासी विकास परिषद छात्र प्रभाग खरगोन की एक बैठक हुई। इसमें प्रदेश अध्यक्ष नीरज बारिवा और जिलाध्यक्ष सचिन रंधावा मौजूद रहे। बैठक में आदिवासी छात्रों की सुरक्षा और उनके उत्पीड़न से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर रणनीति बनाई गई। पीड़ित नर्सिंग छात्रों के आंदोलन पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस दौरान प्रेम डावर, रवि वास्कले, कुलदीप सोलंकी, रुपेश कठौतिया, खंडवा जिलाध्यक्ष कुन्दन कावरे, विनोद मंडलोई, सत्यम चौहान, प्रभु सोलंकी, सावन सोलंकी, नरेंद्र पटेल, मुन्ना मोरे और नीलेश नार्वे सहित बड़ी संख्या में प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


