सामाजिक सहभागिता से समाज उत्थान संभव : श्रीमाली

बीकानेर | माता महालक्ष्मी मन्दिर के 116 वर्ष स्थापना दिवस पर श्रीमाली ब्राहमण समाज द्वारा महालक्ष्मी मन्दिर बेणीसर बारी के बाहर पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम श्रीमाली ने की। उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो बीज रूप में इस मन्दिर की स्थापना की वह आज वटवृक्ष के रूप में हमारे सामने हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शिक्षाविद् श्रीदत्त दवे ने कहा कि हमें शिक्षा के साथ अपनी नैतिक जिम्मेदारियां भी उठानी चाहिए। मुख्य अतिथि समाजसेवी रमेश श्रीमाली ने कहा कि समाज द्वारा विभिन्न पौराणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में ज्यादा से ज्यादा संख्या में उपस्थिति दर्ज करवाकर अपनी सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए। इस अवसर पर सामाजिक सरोकारों, शिक्षा, खेल एवं विशिष्ट सेवाओं के लिए समाज की विभूतियों का सम्मान किया गया। नरेश श्रीमाली एवं गोविन्द नारायण श्रीमाली को विभागीय स्तर पर उत्कृष्ट सेवाएं समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। समाज के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए भानु, निर्मल श्रीमाली, नवनीत श्रीमाली तथा अनिल श्रीमाली को विषेष सम्मान से नवाजा गया। कार्यक्रम के दौरान स्वर लहर जोधपुर में आयोजित संगीत संध्या में अपनी विशिष्ट पहचान एवं अपने गायन से सबको मंत्रमुग्ध करने वाले प्रतिभागी यश श्रीमाली, उदित श्रीमाली, उर्वी शर्मा, फणीन्द्र श्रीमाली, नितेश ठाकुर एवं प्रियल श्रीमाली को प्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया। समाज के किशोर एवं युवा-युवतियां जिन्होंने शिक्षा एवं खेल के माध्यम से अपना एवं समाज का नाम रोषन किया उनको सप्रतिक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसमें शिक्षा के क्षेत्र में निमिषा श्रीमाली, विदुषी श्रीमाली, नमन श्रीमाली, नंदनी श्रीमाली, पूर्वा दवे, वैष्णवी श्रीमाली, मोहन श्रीमाली, दिव्यांशु श्रीमाली, आशीष श्रीमाली, शुभम श्रीमाली। खेल के क्षेत्र में कुंज श्रीमाली, श्रेयांश श्रीमाली, ईशा श्रीमाली प्रमुख रहे।

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