लोहरदगा|बीएस कॉलेज, लोहरदगा में प्रसिद्ध नागपुरी साहित्यकार स्वर्गीय प्रफुल्ल कुमार राय की जयंती सोमवार को श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। उनकी जयंती 8 फरवरी को थी, लेकिन रविवार अवकाश के कारण यह कार्यक्रम 9 फरवरी 2026 को आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं द्वारा गीत प्रस्तुत कर जयंती को और भी भावपूर्ण बनाया गया। मंच संचालन कर रहे डॉ. बुटन महली ने स्व. प्रफुल्ल कुमार राय की प्रेरणा को झारखंडवासियों के लिए वरदान बताया और कहा कि उनकी साहित्यिक विरासत आने वाली पीढ़ियों को मार्गदर्शन देती रहेगी। कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. अजीत कुमार गुप्ता द्वारा दीप प्रज्वलन व पुष्प अर्पण के साथ किया गया। इस अवसर पर कॉलेज के कई वरिष्ठ शिक्षक, प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। डॉ. अजीत कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में साहित्य के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य समाज के लिए विज्ञान से भी अधिक हितकारी होता है, क्योंकि यह मानव मूल्यों, संवेदनाओं और सामाजिक चेतना को जागृत करता है। उन्होंने छात्रों से साहित्य के प्रति रुचि विकसित करने का आह्वान किया। डॉ. लाल अजय नाथ शाहदेव ने स्व. प्रफुल्ल कुमार राय की रचनाओं के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि उनकी साहित्यिक कृतियां नागपुरी भाषा और संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं। उन्होंने छात्रों को साहित्य के महत्व को समझने और उसे आगे बढ़ाने की प्रेरणा दी। डॉ. पुष्पा कुमारी ने दर्शन शास्त्र को साहित्य की देन बताते हुए कहा कि साहित्य समाज को सोचने की दिशा देता है और साहित्यकार समाज के मार्गदर्शक होते हैं। उन्होंने साहित्य लेखकों के योगदान की सराहना की। प्रोफेसर ब्लासियस पन्ना ने कुड़ुख व नागपुरी साहित्यकारों के योगदान को याद करते हुए स्व. प्रफुल्ल कुमार राय के प्रयासों की प्रशंसा की।


