पत्नी की याद में बना दिया 6500 करोड़ का म्यूजियम:यहां हीरे जड़ी हुई 25 करोड़ की चाय की केतली, सोने और रूबी से जड़ी हुई

राजस्थान के उद्योगपति निर्मल सेठिया (80) और ने अपनी दिवंगत पत्नी चित्रा की यादों को सहेजते हुए नई मिसाल पेश की है। 15 साल पहले जब चित्रा सेठिया की निधन हो गया। निर्मल सेठिया ने उनके नाम को अमर बनाने का संकल्प लिया। यूके के कैम्ब्रिज में ऑटिज्म सेंटर और लंदन में चित्रा सेंटर फॉर रोबोटिक मास की शुरुआत की। इसके साथ विक्टोरिया एंड एल्बर्ट म्यूजियम (लंदन) में सेंट्रल कास्ट कोर्ट गैलरी भी चित्रा कलेक्शन के नाम पर स्थापित की गई। चित्रा कलेक्शन म्यूजियम में ‘ईगोइस्ट’ नामक एक अनोखी चाय की केतली है, जिसकी कीमत 25 करोड़ रुपए है। यह रूबी, डायमंड और गोल्ड से जड़ी हुई है। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दुनिया की सबसे महंगी केतली के रूप में दर्ज किया गया है। कुरुक्षेत्र में तिरुपति मंदिर का निर्माण पत्नी की याद में सेठिया ने नई दिल्ली में एक मंदिर बनाने के बाद, कुरुक्षेत्र में तिरुपति मंदिर बनवाया। यह मंदिर उस स्थान पर बनाया गया है, जहां भीष्म पितामह ने अपनी अंतिम सांस ली थी। यह सेठिया के अपनी पत्नी के प्रति गहरे प्रेम और धार्मिक आस्था को दर्शाता है। सेठिया ने यूके में 6500 करोड़ रुपए की वेल्यूएशन वाले चित्रा कलेक्शन म्यूजियम की स्थापना की। इसमें लगभग 3300 दुर्लभ चाय की केतलियां और चाय से जुड़े ऐतिहासिक बर्तन संग्रहीत हैं। लंदन म्यूजियम में 5 लाख वर्ग मीटर में 72 लाख ऐतिहासिक वस्तुएं प्रदर्शित की जा सकेंगी, जिसमें सेठिया ने चित्रा के नाम पर बड़ा फाइनेंशियल सपोर्ट दिया है। इस म्यूजियम के संरक्षक किंग चार्ल्स हैं। नोटों की सिक्योरिटी इंक बनाने वाले सेठिया राजस्थान के सुजानगढ़ से ताल्लुक रखने वाले निर्मल सेठिया नोटों में इस्तेमाल की जाने वाली सिक्योरिटी इंक के निर्माता हैं। उनका विवाह जयपुर रिसायत की सेना में रहे जोरावर सिंह नाथावत की बेटी चित्रा से हुआ था। शादी 18 फरवरी, 1969 को महाराष्ट्र के अमरावती में संपन्न हुई थी। चित्रा सेठिया और निर्मल सेठिया की प्रेम कहानी साधारण नहीं थी। किसी आयोजन में निर्मल की मां ने चित्रा को देखा और उन्हें अपने बेटे के लिए पसंद कर लिया। राजस्थान यूनिवर्सिटी, जयपुर में हुई पहली मुलाकात के बाद दोनों का रिश्ता शादी में बदला और यह प्रेम एक अद्भुत विरासत में तब्दील हो गया। वर्तमान में निर्मल सेठिया दुबई और यूके में रहते हैं, लेकिन उनकी पत्नी चित्रा की यादें और उनके लिए किया गया योगदान उन्हें अमर बना चुका है। उनकी कहानी यह बताती है कि सच्चा प्रेम कभी खत्म नहीं होता, बल्कि समय के साथ और गहराता जाता है।

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